भोपाल में स्वाइन फ्लू से हुई एक और महिला की मौत

भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती 25 वर्षीय महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई. इसी के साथ, एच1एन1 एन्फ्लूएंजा वायरस से मध्यप्रदेश में इस महीने में मरने वालों की संख्या दो हो गई है जबकि एक जुलाई से अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल 22 पॉजिटिव रिपोर्ट आई हैं.भोपाल में स्वाइन फ्लू से हुई एक

मध्यप्रदेश के डायेक्टर ऑफ हेल्थ डॉ. के. एल. साहू ने कहा कि भोपाल के चिरायु मेडिकल कॉलेज में एक महिला की इलाज के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हो गई. उन्होंने कहा कि यह महिला रायसेन की थी और आठ अगस्त को उसे चिरायु मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. उसी दिन उसे टैमी फ्लू दवा दी गई थी लेकिन परसों उसकी हालत और बिगड़ गई जिससे उसकी मौत हो गई.

साहू ने कहा कि इससे पहले अगस्त महीने के पहले सप्ताह में भी स्वाइन फ्लू से जबलपुर के एक अस्पताल में 35 वर्षीय एक महिला की मौत हुई थी. वह शहडोल की रहने वाली थी.

साहू ने बताया कि मध्यप्रदेश में एक जुलाई से लेकर अब तक 86 सं‍दिग्ध मरीजों के नमूने जाँच के लिये भेजे गये, जिनमें से 80 की रिपोर्ट आ चुकी है. इनमें 22 रिपोर्ट पॉजिटिव आईं और छह सैंपल रिपोर्ट्स आनी शेष है.

उन्होंने कहा कि भोपाल, जबलपुर, इंदौर, बालाघाट, सतना और सागर जिलों के मरीजों में स्वाइन फ्लू पाया गया है.

साहू ने बताया कि 300 से अधिक पलंग वाले अस्पतालों में 10 पलंग, 100 से 300 तक में 5 और 50 बिस्तर वाले अस्पतालों में दो पलंग स्वाइन फ्लू मरीजों के लिये आरक्षित हैं.

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उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में बढ़ती संख्या के मद्देनजर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के प्रति सभी अस्पतालों को अलर्ट किया जा चुका है. यही कारण है कि प्रभावी रोकथाम के चलते अधिकांश मरीज स्वस्थ हुए हैं.

साहू ने कहा कि स्वाइन फ्लू बीमारी का वायरस इंफेक्शन फैलाने वाला है. सामान्यत: इसका इंफेक्शन इंफेक्टिड व्यक्ति की छींक या खांसी के संपर्क में आने के कारण होता है और स्वाइन फ्लू इंफेक्शन जुलाई से फरवरी माह में ज्यादा सक्रिय होता है. स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए एहतियात बरतने की आवश्यकता है.

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