भागवत ने की मोदी सरकार की तारीफ, सेना का भी किया गुणगान

नागपुर। विजयादशमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। अपने संबोधन में भागवत ने कश्मीर मुद्दे से लेकर देश के भीतर गोरक्षा पर चल रहे विवाद को भी शामिल किया। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार और भारतीय सेना की भी सराहना की।mohan-bhagwat

भागवत ने अपने भाषण में कश्मीर का  प्रमुखता से जिक्र किया। भागवत ने कहा कि यह चिंता का विषय है। हमारे नेताओं की सोच स्पष्ट है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का ही हिस्सा है। कश्मीर का अधिकांश हिस्सा तनावमुक्त है। जो भी हिंसा की गतिविधियों में लिप्त हैं, हमें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। सख्त एक्शन लेना होगा। सीमा पार से लगातार उपद्रव से हो रहा है।

विजयादशमी पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

 
भागवत ने कश्मीरी पंडितों को न्याय दिए जाने की भी वकालत की। भागवत ने पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह कश्मीर में अलगाववादी ताकतों को बढ़ावा दे रहा है। भागवत ने सेना की सराहना की और दुश्मन को माकूल जवाब देने के लिए उसे बधाई दी। उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार के नेतृत्व ने एक सराहनीय कार्य किया है। सेना ने भी हिम्मत का काम किया है। लेकिन हमारी सीमाओं की हिफाजत पूरी तरह से होनी चाहिए, घुसपैठ कैसे हो जाती है? इसे रोकना होगा।

भागवत ने कहा कि दुनिया में ऐसी भी ताकतें हैं जो भारत को आगे बढ़ने नहीं देना चाहती हैं। हमारे यहां के स्वार्थ के कारण ऐसे लोगों को यहां समर्थन भी मिल जाता है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में विरोधी दल सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं, जो गलत नहीं है लेकिन कभी कभी ऐसी घटनाएं घटती हैं जो नहीं होनी चाहिए।

भागवत ने कहा कि स्वार्थी शक्तियां उसको लाभ लेती हैं। हमें अपने समाज को इतना सजग बनाना होगा ताकि वो ऐसी शक्तियों को लाभ न लेने दे। इनका प्रयास रहता है कि जैसे ब्रिटिश राज में हम अपने को कमतर मानते थे वही फिर से न होने लगे। गौरक्षा पर भागवत ने कहा कि इसे लेकर काम करने वाले सारे भले लोग हैं। चूंकि देश में गौरक्षा कानून है इसीलिए उसका अमल हो। कभी कभी गौरक्षकों को आंदोलन भी करना पड़ता है लेकिन वो भी शांति से करते हैं।

संघ प्रमुख ने कहा कि शासन को ध्यान देने होगा कि जो लोग उपद्रव का काम करते है उनके साथ गोरक्षकों को न जोड़ा जाए। भ्रम और अफवाह फैलाने वालों से जागृत करना पड़ेगा और प्रशासन में इसकी बुद्धि जगानी पड़ेगी।

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