भाई की कलाई पर ऐसे बांधे राखी, तो होगा मंगल ही मंगल

- in धर्म

सावन का महिना आते हैं रक्षाबंधन के त्‍योहार का भी इंतजार बढ़ जाता है और भाई-बहन एक दूसरे से मिलने और इस पर्व को अच्‍छे से मिलाने की योजना बनाने लगते हैं। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं।Raksha Bandhan

ये तो हम सभी जानते हैं कि रक्षाबंधन के पर्व का संबंध रक्षा से है। लेकिन इसके साथ ही यह अनेकता में एकता का पर्व है। जाति और धर्म के भेद-भाव को भूलकर एक व्‍यक्ति दूसरे व्‍यक्ति को रक्षा का वचन देता है और रक्षा सूत्र में बंध जाता है। लेकिन इस दौरान एक बात विशेष ध्‍यान करने की है वह यह कि, क्‍या हम इस त्‍योहार को सही तरीके से मना रहे है, क्‍या हम जो रखी अपने भाई की कलाई पर बांध रहे है वह सही तरीका है।

राखी बांधने का सही तरीका इस प्रकार है और इन बातों को अगर आप ध्‍यान रखेंगे तो अपने त्‍योहार को और सुखद और मंगल बना लेंगे।

– एक साफ थाली में रोली, चन्दन, अक्षत, दही, रक्षासूत्र और मिठाई रख लें।

– भाई की आरती के लिए थाली में घी का दीपक जलाएं।

– पूजा की थाली को सबसे पहले भगवान को समर्पित करना न भूलें।

– ध्यान रहे कि भाई पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह कर के ही बैठे।

– पहले भाई को तिलक लगाएं, फिर राखी बांधे और उसके बाद आरती करें।

– इसके बाद मिठाई खिलाकर भाई की मंगल कामना करें।

– इस बात का ख्याल रखें कि राखी बांधते समय भाई और बहन दोनों का सिर के ऊपर कपड़ा होना चाहिए।

– इसके बाद माता-पिता और गुरु का आशीर्वाद लेना न भूले।

– भाइयों को ध्यान रखना चाहिए कि बहनों को उपहार में काले कपड़े, तीखी या नमकीन चीज ना दें। ऐसा उपहार दें जो दोनों के लिए मंगलकारी हो।

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