#बड़ी खुशखबरी: अब हर माह श्रमिकों-मजदूरों के खाते में आएगी 3000 रुपए पेंशन

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असंगठित श्रमिकों को तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का केंद्र सरकार द्वारा बजट में प्रावधान किए जाने के बाद श्रम विभाग ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रमिकों के पंजीकरण के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एक-दो दिन में सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा देगा। इसके बाद श्रम विभाग में 15 फरवरी से पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। पंजीकरण के दौरान श्रमिक को आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। एक अनुमान के मुताबिक कानपुर में करीब पांच लाख असंगठित श्रमिक हैं। प्रदेश में यह आंकड़ा 4.5 करोड़ के आसपास है।#बड़ी खुशखबरी: अब हर माह श्रमिकों-मजदूरों के खाते में आएगी 3000 रुपए पेंशन

बजट के बाद श्रम मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। योजना के तहत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक को प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन (पीएमएसवाईएम) योजना के तहत 60 वर्ष के बाद तीन हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। इसके लिए लाभार्थी की मासिक आमदनी 15 हजार रुपये या उससे कम हो। 18 वर्ष की आयु में इस योजना से जुड़ने वाले असंगठित श्रमिक को 55 रुपये हर माह अंशदान देना होगा।

29 वर्ष से ऊपर वालों को 100, और 40 से ऊपर वाले को 200 रुपये महीने देना होगा। सरकार भी हर माह आपके खाते में इतना ही अंशदान करेगी। अपर श्रमायुक्त बीके राय ने बताया कि आठ फरवरी को योजना के संबंध में शासन में बैठक हुई थी। इसमें बताया गया कि जल्द ही एलआईसी सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा देगा। 15 से पंजीकरण शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि 140 श्रेणी के असंगठित श्रमिकों को योजना में शामिल किया गया है।

ये हैं असंगठित कामगार
समाचार पत्र वितरक, नाविक, धोबी, दर्जी, माली, मोची, नाई, रिक्शा चालक , घरेलू कर्मकार, कूड़ा बीनने वाले, हाथ ठेला चलाने वाले, सब्जी, फल, फूल विक्रेता, चाय, चाट ठेला लगाने वाला, फुटपाथ व्यापारी, हम्माल, कुली, जनरेटर-लाइट लागने वाले, कैटरिंग, फेरी करने वाले, मोटर साइकिल और साइकिल मरम्मत करने वाले, गैराज कर्मकार, परिवहन में लगे कर्मकार, सफाई कामगार, ढोल-बाजा, टेंट हाउस, मछुआरा, तांगा, बैलगाड़ी चलाने वाला, अगरबत्ती उद्योग में लगे कामगार, घरेलू उद्योग में लगे कामगार, भड़भूजा, गाड़ीवान, पशुपालन, मत्सय पालन, मुर्गी पालन में लगे कर्मकार, दुकानों में काम करने वाले ऐसे मजदूर जिन्हें ईएसआई और पीएफ का लाभ न मिलता हो, दूध दूहने वाले, खेतिहर कर्मकार, रसोईया, हड्डी बीनने वाले, डेयरी पर कार्य करने वाले, कांच की चूड़ी में लगे कर्मकार, सूत रंगाई-कताई करने वाले आदि।

इन्हें नहीं मिलेगी पेंशन
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम के माध्यम से पेंशन पाने वालों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।

ये विभाग करेंगे योजना का प्रचार-प्रसार
पीएमएसवाईएम योजना के प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी श्रम मंत्रालय के अधीन आने वाले श्रम विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कर्मचारियों और अफसरों को दी गई है। इसके अलावा एलआईसी भी योजना का प्रचार-प्रसार के लिए स्टाल आदि लगवाएगा।

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