बड़ी खबर: म्यामांर में और ताकतवर हुईं सू ची, करीबी विन मिंत बने राष्ट्रपति

म्यामांर के नए राष्ट्रपति विन मिंत ने कार्यभार संभाल लिया है। पूर्व राष्ट्रपति हूतिन चॉ ने एका-एक पद छोड़ दिया था जिसके बाद म्यामांर में अगले राष्ट्रपति के लिए राय बनने लगी। ऐसे में म्यामांर की संसद ने बुधवार को आंग सान सू ची के करीबी सहयोगी विन मिंत के नाम पर आम सहमति बनाई। बता दें कि 66 साल के मिंत की देश के शीर्ष स्तरीय नीति-निर्धारण की प्रक्रिया पर मजबूत पकड़ बरकरार है।  

बड़ी खबर: म्यामांर में और ताकतवर हुईं सू ची, करीबी विन मिंत बने राष्ट्रपति 

सू ची के समर्थन के साथ मिंत को संसद में संयुक्त रूप से 403 वोट मिले। संसद के अध्यक्ष मान विन खाइंग थान ने इसका आधिकारिक ऐलान करते हुए कहा, ‘मैं घोषणा करता हूं कि बहुमत पाने वाले विन मिंत को देश का राष्ट्रपति निर्वाचित किया जाता है।’ 

क्योंकि सू ची ने एक विदेशी से शादी की है और उनके दोनों बेटे ब्रिटेन के नागरिक हैं। 2008 में सेना द्वारा तैयार किए गए संविधान के तहत सू ची पर राष्ट्रपति पद के निर्वाचन के लिए रोक लगी है। सू ची 2015 में अपनी पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद से स्टेट काउंसलर हैं और घोषणा कर चुकी हैं कि वे राष्ट्रपति से ऊपर रहते हुए काम करेंगी।

बता दें कि सू ची जिस पद पर हैं वो कोई आधिकारिक संवैधानिक भूमिका नहीं है। इसलिए सू ची के लिए यह जरूरी है कि वो अप्रत्यक्ष रूप से शासन करें। राज्य सलाहकार का पद विशेष रूप से सू ची के लिए बनाया गया है। बता दें कि संविधान के तहत, सेना के पास देश के प्रशासन में विशेषाधिकार हैं। सेना का मंत्रिमंडल में संसदीय सीटों का 25% हिस्सा और तीन सुरक्षा विभाग शामिल हैं।

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