रूस ओपन का खिताब जीतने वाले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सौरव वर्मा ने कहा कि उन्हें आगे भी अपने खेल में सुधार जारी रखना होगा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छा करने के लिए अपने मजबूत पहलुओं पर काम करना होगा. सौरव ने इस जीत के बाद कहा, ‘‘मैं अपने खेल में सुधार कर रहा हूं लेकिन मुझे अपने खेल के कई पहलुओं पर अभी भी मेहनत करना है.’’

इस पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन ने 75000 डॉलर इनामी रूस ओपन टूर सुपर 100 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में जापान के कोकी वतानाबे हराकर इस सत्र का अपना पहला खिताब जीता. चोटों से उबरकर वापसी करने वाले इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने स्पोर्ट हॉल ओलंपिक में एक घंटे तक चले फाइनल में विश्व में 119वें नंबर के वतानाबे को 19-21, 21-12, 21-17 से हराया.

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पिछले महीने अखिल भारतीय सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में जीत दर्ज कर एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘ मेरा अगला टूर्नामेंट एशियाई खेलों है और मैं अपने मजबूत पक्षों पर काम कर रहा हूं जिससे मैं अच्छा कर सकूं.’’

सौरव ने आज की जीत के बारे पूछे जाने पर कहा, ‘‘ पिछले तीन मैचों की तुलना में आज शटल की गति धीमी थी, पहले गेम में मैं लय प्राप्त नहीं कर सका. मैंने जिस तरफ से खेलना शुरू किया वहां से शटल को देखना मुश्किल हो रहा था क्योंकि बैकग्राउंड सफेद था. दूसरे गेम में मेरे प्रतिद्वंद्वी के साथ भी यही हुआ.’’