बैग में पूर्व सीएम की फोटो पर स्याही पुतवाने पर भड़के ग्रामीण

प्राइमरी पाठशाला व पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरौली के छात्र-छात्राओं को दो माह पहले स्कूली बैग वितरित किए गए थे। इन बैग में पूर्व सीएम अखिलेश यादव का फोटो छपा था। शुक्रवार को इन विद्यालयों में तैनात दो सहायक अध्यापकों ने पूर्व सीएम की फोटो पर छात्रों से स्याही पुतवा दी। बैग में छपी फोटो पर स्याही पुती देख अभिभावक भड़क गए। शनिवार को सुबह नौ बजे के करीब एक सौ से अधिक ग्रामीण स्कूल पहुंचे। स्याही पुतवाने वाले शिक्षक के न मिलने पर ग्रामीणों ने जबरन दोनों स्कूलो को बंद करा दिया।
बैग में पूर्व सीएम की फोटो पर स्याही पुतवाने पर भड़के ग्रामीण
इन स्कूलों में मिले दो शिक्षकों को भी बंद कर लिया। स्कूल के बाहर ग्रामीण एकजुट होकर नारेबाजी करने लगे। मामले की जानकारी ग्रामीणों ने बीएसए एपी सिंह, खंड शिक्षाधिकारी जय सिंह, एसडीएम तिर्वा शालिनी प्रभाकर को दी। बीएसए के निर्देश पर बीआरसी प्रभारी धर्मेंद्र यादव, वरिष्ठ सह समन्वयक प्रमोद यादव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को देख गांव के दीपू यादव (22) ने पेड़ से लटककर फांसी लगाने का प्रयास किया। दीपू का कहना था कि पूर्व सीएम की फोटो पर कालिख पोतने वाले शिक्षक को जब तक दंडित नहीं किया जाता है तब तक स्कूल नहीं खुलने दिया जाएगा। इस बात पर अधिकारी नहीं माने तो फांसी लगाने का प्रयास किया।
कुछ ग्रामीणों ने उसे फंदे से उतार लिया। बाद में वरिष्ठ सह समन्वयक प्रमोद यादव ने पूरे घटनाक्रम से बीएसए व बीईओ को अवगत कराया। बीआरसी प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर स्कूल में बंद दो सहायक अध्यापक दिलीप कुमार व दिनेश कुमार को मुक्त करा दिया। बीआरसी प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को दी। जिसमें पूरे प्रकरण के लिए पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक राजेशकांत को दोषी पाया गया। बीएसए के निर्देश पर सहायक अध्यापक को बीआरसी संबद्ध कर दिया गया है। मामले की जांच बीईओ को सौंपी गई है।
 
 
 
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