बिहार में Acute encephalitis syndrome, एईएस से 15 दिनों के भीतर 132 बच्चों की मौत….

बिहार में Acute encephalitis syndrome, एईएस से 15 दिनों के भीतर 132 बच्चों की मौत हो चुकी है। पंद्रह दिनों से लगातार एक-एक कर बच्चों की हो रही मौत के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहली बार मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच अस्तपताल में पीड़ित बच्चों का हाल जानने पहुंचे। सीएम ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से इलाज की जानकारी भी ली।

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उधर, नीतीश कुमार पीड़ित बच्चों का हाल जान रहे थे और इधर अस्पताल के बाहर पीड़ित बच्चों के परिजन को मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिए जाने पर लोग आक्रोशित हो गए और जमकर हंगामा मचाया। लोग अस्पताल की कुव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और इसलिए वे मुख्यमंत्री से मिलकर बात करना चाह रहे थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इससे आक्रोशित लोगों ने मुख्यमंत्री वापस जाओ और नीतीश मुर्दाबाद के नारे लगाए।

इधर, नीतीश कुमार के एसकेएमसीएच जाने और लोगों के हंगामे के बीच सोशल मीडिया पर भी जमकर बहसबाजी होती रही और हैशटैग #BiharChildDeaths ट्विटर पर टॉप ट्रेंड करता रहा। इस हैशटैग के साथ मीडिया के साथ ही लोग भी अपनी बात रख रहे हैं।

#BiharChildDeaths इस हैशटैग के साथ बिहार में बच्चों की हो रही मौत को लेकर कई खबरों के साथ ही लोग मार्मिक तस्वीरें और अस्पताल की लापरवाही के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार की लापरवाही पर आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। एक तरफ बच्चों की मौत की मार्मिक तस्वीरें और खबरें शेयर की जा रही हैं तो दूसरी ओर नेताओं की नींद, क्रिकेट का स्कोर और इस घड़ी में पार्टी की तस्वीरें शेयर करने पर भी तंज कसा जा रहा है।

इसके साथ ही #BiharChildDeaths इस हैशटैग के साथ ब्रेकिंग खबरों का भी लिंक शेयर किया गया है जिसमें सीएम नीतीश कुमार के अस्पताल दौरे और पीड़ित बच्चों के परिजनों से मुलाकात नहीं करने पर हैरानी जताते हुए कहा गया है कि नीतीश कुमार का वीवीआइपी एपियरेंस देखकर लोग चिल्लाते रहे-नीतीश कुमार हाय-हाय, नीतीश कुमार गिरगिट है, पलटू सीएम हैं।

ट्वीट कर किए गए कुछ कॉमेंट्स इस तरह के भी हैं….

BiharChildDeaths सरकार से कुछ नही होगा अब भगवान भरोसे है जनता, बच्चों के मौत का आंकड़ा 100 के पार, नीतीश के सांसद को बारिश का इंतजार।

BiharChildDeaths बिहार में बुखार है NitishKumar फरार है। अब तक बच्चों के मौत आकड़ा 100 के पार जा चुका है। न जाने प्रशासन कब तक इस बीमारी का इलाज निकालेगी।

BiharChildDeaths बधाई हो, encephalitis से मरे हुए सैकड़ों बच्चों की अबोध आत्माएँ और उनके परिजन आपको कमोबेश माफ़ करते हैं क्योंकि दोष तो लीची का है, बिहार में health sys तो मुस्तैद है

BiharChildDeaths नेताजी चुनाव के पहले कहा करते थे कि, अगर वो हार गए तो हिंदुस्तान हार जायेगा, और कल जब बिहार में बच्चे मर रहे थे तो नेताजी मीटिंग में भारत पाक क्रिकेट मैच का स्कोर अपडेट ले रहे थे।

BiharChildDeaths काश भाजपा आज विपक्ष में होती तो

मुजफ्फरपुर में मर रहें बच्चों के लिए सरकार के खिलाफ पता नही क्या क्या करती

लेकिन एक RahulGandhi  औऱ भी राजनिति पार्टियां इन्हें कोई फर्क ही नही पड़ रहा हैं

राजनीती करने चलें हैं सरकार बनाएंगे डूब मरो यार BiharChildDeaths यह केवल समाचार नहीं है, कलंक है उस समाज के लिए जहां करोड़ो केवल नेता के स्वागत मे खर्च होते हैं।हर एक बच्चे का मरना उस तमाम खूबसूरत संभावनाओ का मरना है, वे कुछ भी बन सकते थे।।

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