पैसों के लिए बाप का नाम बदल दिया मनीष कोठारी ने

उज्जैन। हाई-प्रोफाइल जालसाज मनीष कोठारी के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है । उज्जैन एसपी सचिन कुमार अतुलकर ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। सभी को एक ही तराजू में तोला जाएगा। अगर कोई गलत कार्य करेगा और कानून अपने हाथ में लेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा भले ही वह कितना ही प्रभावशाली और रसूखदार क्यों न हो।

उल्लेखनीय है कि प्रोफेसर आशीष मेहता के साथ ठगी करने के मामले में माधव नगर थाना पुलिस ने मनीष कोठारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी बिल्डर मनीष कोठारी कितना शातिर है, इस बात का अंदाजा आप का आपको कई उदाहरणों से मिल जाएगा । आरोपी मनीष कोठारी को पूर्व में देवास पुलिस ने कंजर कटिंग के मामले में हिरासत में लिया था। इसके बाद आरोपी मनीष कोठारी ने दिग्विजय सिंह सरकार में जीडीसी कालेज में छात्राओं को प्रशिक्षण देने के लिए कंप्यूटर सेंटर संचालित किया ।

यह कंप्यूटर सेंटर उसने अपनी पत्नी प्रीति कोठारी के नाम पर लिया। कंप्यूटर सेंटर में सारा सामान सरकारी था। इस सरकारी सामान को आरोपी मनीष कोठारी ने लाखों रुपए की कीमत लेकर प्रोफेसर आशीष मेहता को बेच दिया। इसके लिए आरोपी मनीष कोठारी ने एक शपथ पत्र भी बनाया, जिसमें यह लिखा कि यह सामान उसका स्वयं का है और सरकार का कोई लेना देना नहीं है। आरोपी मनीष कोठारी ने अपना आधिपत्य बताकर लाखो की राशि लेकर आशीष मेहता को ठगा। आरोपी मनीष कोठारी ने शपथ पत्र में अपने पिता स्वर्गीय प्रकाश चंद कोठारी का नाम लिखने की वजह पारस चंद कोठारी नाम लिख दिया। पुलिस सूत्रों द्वारा बताया जाता है कि अरविंद नगर क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति भी मनीष कोठारी है, जिनके पिता का नाम का मनीष कोठारी ने उपयोग किया है ।

फर्जी नाम से झूठा शपथ पत्र देने के मामले में पुलिस माधवनगर के प्रकरण में आरोपी मनीष कोठारी और उसकी पत्नी प्रीति कोठारी के खिलाफ धाराएं बढाएगी। आरोपी मनीष कोठारी के खिलाफ पूर्व में भी नागझिरी थाने में धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में उसके खिलाफ धारा 467 468 भी बढ़ाई गई। इस मामले में भी फर्जी दस्तावेजों का उपयोग होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस धारा बढ़ाने जा रही है । इस पूरे मामले में सबसे बड़ी बात यह रही कि उज्जैन एसपी सचिन कुमार अतुलकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज पांडे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राइम प्रमोद सोनकर सहित अन्य अधिकारियों ने सूक्ष्मता से मामले का परीक्षण किया है। जांच अधिकारी अनिल शुक्ला का भी रिकॉर्ड बताया जाता है कि उनके द्वारा इस मामले में विवेचना की जाती है, उसमें आरोपी को भेरूगढ़ जेल की हवा खानी पड़ती है । इस पूरे मामले में इतने मजबूत है कि पीड़ित परिवार को शत-प्रतिशत अदालत से न्याय मिलेगा और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।

धाराएं बढने की संभावना-पुलिस
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रमोद सोनकर के पास पूरे मामले की शिकायत पहुंच गई है । इसके बाद श्री सोनकर ने गोपनीय जांच शुरू करने के आदेश दे दिए हैं । संभावना है कि एक-दो दिन में और गंभीर धाराएं भी प्रकरण में जुड़ जायेंगी।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

देखे वीडियो :अमृतसर में बड़ा रेल हादसा रावण दहन कार्मक्रम क दौरान

अमृतसर में बड़ा रेल हादसा रावण दहन कार्मक्रम