प्रियंका ने क्यों कहा, जब हाथी चलता है तो कुत्ते भौंकते हैं…

एजेन्सी/priyanka4-300x200 बॉलीवुड….हॉलीवुड…और अब पद्मश्री से सम्मानित प्रियंका चोपड़ा से प्रदेश 18 की संवाददाता पूजा बत्रा के साथ विशेष बातचीत: पद्मश्री, सम्मान के साथ साथ देश के प्रति बहुत बड़ी जिम्मेदारी हैं. कैसा महसूस कर रही हैं पद्मश्री से सम्मानित होकर? बहुत अच्छा लग रहा है, खुद को गौरांवित महसूस कर रही हूं. बहुत अच्छा लगता है जब एक देश से आपको काम के लिए सम्मान मिलता है. एक आर्मी मैन की बेटी होने के नाते और मेरे काम की सराहना के लिए यह अवार्ड मेरे लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाता. मैं बहुत खुश हूं और इसका सम्मान करती हूं. लेकिन साथ ही एक बात और आपको कहना चाहती हूं कि मैं बस अपना काम कर रही हूं. मेहनत कर रही हूं. मैं कोई भी काम अवार्ड के लिए नहीं करती. काम मेरा पैशन है लोग उसे पसंद करते हैं ये मेरा सौभाग्य है. आर्मी ऑफिसर की बेटी होने के नाते मेरे अंदर भी डिसिपिलिन है और मैंने अपनी जिम्मेंदारियां अपने मम्मी पापा से सीखी है. मुझे काम के लिए एक्सक्यूज बनाना नहीं आता. मैं कोशिश करूंगी कि मैं आगे आपको और अच्छी भूमिकाओं में नजर आऊं और आप सभी का प्यार मुझे ऐसे ही मिलता रहे.

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से अब हॉलीवुड में भी आप काम कर रही हैं कैसे मैनेज कर पाती हैं दोनों एकसाथ?

बहुत मुश्किल हो रहा है. दिन रात काम करती हूं. देखिए मुझे अभी भी खाने तक का वक्त नहीं मिला है इस हफ्ते मुझे एक बॉलीवुड फिल्म भी साइन करनी है. हालांकि हॉलीवुड शो करना तो करना तो बहुत मुश्किल हो रहा है. इसलिए मैंने सोचा है 6 महीने हॉलीवुड और 6 महीने बॉलीवुड फिल्में करूंगी.

पद्मश्री मिलने की खुशी किसके साथ शेयर करना करना चाहेंगी?

मैं बहुत रोई थी जब मुझे ये अवार्ड मिला. मैं चाहती थी कि मेरे पापा भी आज इस वक्त मेरे साथ होते कितना अच्छा होता. मेरी फैमिली थी मेरे साथ मैं जब भी कोई जरूरी काम करती हूं तो वे हमेशा मेरे साथ रहते हैं. मेरे बड़े पापा और मेरी नानी आए भी साथ आए हैं यहां. लेकिन मैं अपने पापा को बहुत मिस कर रही हूं.

आपको हॉलीवुड से भी बहुत ऑफर मिल रहे हैं. बॉलीवुड से हॉलीवुड तक कैसा अनुभव रहा आपका?

अच्छा एक्सपीरिंयस रहा है. हालांकि देखिए मेरे लिए फिल्म…फिल्म होती है वो चाहे बॉलीवुड की हो या हॉलीवुड की. मैं बहुत गंभीरता से अपना काम करती हूं. हां, क्वाटिंको थोड़ा अलग है. फिल्मों में और टी.वी शो में अंतर तो होता ही है. आगे से ध्यान रखूंगी कि टीवी शो थोड़ा कम करूं.

अभी आप हॉलीवुड में क्वांटिको और बेवाच की शूटिंग में बिजी हैं.?

जब वहां (हॉलीवुड) को खबर मिली की आपको पद्मश्री अवार्ड से नवाजा जाएगा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी. पहले तो उन्हें ये समझ नहीं आया कि पद्मश्री आखिर होता क्या है. फिर मैंने उनको समझाया कि ये देश से मिलने वाला एक सम्मान है जो आपके काम की सराहना करने के लिए दिया जाता है. हालांकि बेवाच और क्वांटिको के शूट में अभी मेरी बहुत जरूरत थी. लेकिन जब मैंने उन्हें समझाया तो वे इस बात को समझे. और इस तरह मैंने शूटिंग के बीच में से टाइम निकाला.

हाल ही में आपके पूर्व प्रबंधक ने खुलासा किया था कि आप करियर के शुरुआती दौर में आत्महत्या करना चाहती थी इसमें कितनी सच्चाई है?

मेरे पिता कहते थे, ‘जब हाथी चलता है तो कुत्ते भौंकते हैं. इस खबर में भी बस इतनी सच्चाई है. जब मुझे इस बात का पता चला तो मुझे भी काफी हैरानी हुई. लेकिन मैं इन फालतू की बातों पर ध्यान नहीं देती. वैसे भी मेरे पास इतना काम है कि इन बेकार की बातों पर सोचने के लिए वक्त ही नहीं है.

हाल ही में टीवी एक्ट्रेस प्रत्यूषा बनर्जी की मौत के बारे में आपका क्या कहना है?

बेहद दुखद है. हमें किसी की भी मौत की वजह के बारे में बात करने की बजाय ये सोचना चाहिए कि किसी को मरने से बचाया कैसे जाए. 24 साल की लड़की का ऐसा कदम उठाना बड़ा दर्दनाक है पता नहीं उसके दिमाग में क्या चल रहा था. वो किस दबाव में थी. ऐसी कौन सी बात थी जो उसे अंदर ही अंदर परेशान कर रही थी. पैरेंट्स को भी देखना चाहिए की कहीं उनका बच्चा किसी दबाव में तो नहीं है. क्योंकि ये एक या दो की नहीं बल्कि पूरे देश की महिलाओं की बात है. हमें अपने बच्चे को हर परिस्थति से निबटने की तैयारी करवानी चाहिए.

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