प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने किया कम्प्यूटर बाबा का समर्थन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के ने कम्प्यूटर बाबा की मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि सरकार अविलंब नर्मदा मंत्रालय बनाये। सलूजा ने कहा कि यह मंत्रालय वह काम करे, जिसकी घोषणा शिवराजसिंह ने अपनी नर्मदा यात्रा के दौरान की थी और अभी तक उनका कोई अता पता नहीं है। इस मंत्रालय का मुख्य काम नर्मदा में अवैध उत्खनन पर लगाम लगाना, नर्मदा किनारे के कस्बों से शराब की दुकानें हटवाना, पुण्य सलिला में गंदगी मिलने से रोकना, नर्मदा किनारे के कटाव को रोकने के लिये वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण करना, आसपास बने मंदिरों का जीर्णोद्वारा कर उन्हें भव्य स्वरूप में विकसित करना, धार्मिक तीर्थ स्थलों का विकास, नर्मदा किनारे रहने वाले गांव वालों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना, उस पर बने बांध के कारण विस्थापित लोगों की मांगों को पूरी करना, आदि होना चाहिये।
सलूजा ने कहा कि कम्प्यूटर बाबा को सरकार में रहने के बाद शिवराजसिंह की सच्चाई का पता निकट से चल चुका है। जब वे नर्मदा की रक्षा के लिये मुख्यमंत्री के दावों की सच्चाई जानने के लिये यात्रा पर निकलने वाले थे तो शिवराजसिंह ने भयग्रस्त होकर उन्हें आनन-फानन में मंत्री बना दिया। जब उन्हें वास्तविकता का पता चला तो उनका मोह भंग हो गया और मंत्री पद त्याग दिया। उन्होंने कहा कि शिवराजसिंह की एक दिसम्बर 2016 से 15 मई 2017 तक निकाली गयी नर्मदा सेवा यात्रा सिर्फ एक दिखावा व नौटंकी थी। यह यात्रा जनता का भावनात्मक शोषण करने के लिये निकाली गयी थी।
सलूजा ने कहा कि यह तथ्य इस बात से साबित होता है कि मुख्यमंत्री ने करोड़ों रूपये खर्च कर 6 करोड़ 59 पौधे रोपने का जो वादा किया था वह मैदान में नहीं दिख रहा है, एक दिन की आरती में 59 हजार रूपये खर्च किये गये जो आरटीआई की जानकारी में सामने आया। एक हजार करोड़ रूपये यात्रा के इंतजाम में खर्च कर दिये। शिवराजसिंह ने यात्रा के दौरान अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिये सख्ती करने की घोषणा की थी, किंतु माँ नर्मदा की छाती से रेत निकालकर छलनी करना अभी भी बे-रोकटोक जारी है। अवैध उत्खनन, वृहद पौधारोपण के नाम पर हुये भ्रष्टाचार को इस मंत्रालय में शामिल कर इसकी जांच होना चाहिये। इसलिये नर्मदा मंत्रालय का गठन होना अब समय की मांग है।

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