पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पत्नी ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका

- in पंजाब

अमृतसर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ श्री दरबार साहिब में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए इलाही गुरबाणी का कीर्तन श्रवण किया। इस अवसर पर उनको सम्‍मानित किया गया। उनकाे सिरोपा दिया गया।

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने अपनी पत्नी ने श्री दरबार साहिब में माथा टेकाडॉ. मनमोहन सिंह अपनी पत्‍नी के साथ श्री दरबार साहिब पहुंचे और माथा टेका। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अधिकारियों और श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर ने डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी को सम्मानित किया। एसजीपीसी अधिकारियों ने डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी का यहां पहुंचने पर स्‍वागत किया। डॉ. मनमोहन सिंह और उनकी पत्‍नी को श्री हरिमंदिर साहिब की तस्वीर देकर सम्मानित किया।

बाद में डॉ. मनमोहन सिंह अपनी पत्‍नी के साथ अमृतसर टाउन हॉल स्थित पार्टीशन म्यूजियम को देखने पहुंचे। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने म्यूजियम में ट्री ऑफ होप पर अपना संदेश भी लिखा।

आज भी याद हैं कॉलेज के दिन : डॉ. मनमोहन सिंह

इससे पहले डॉ. मनमोहन सिंह शनिवार काे हिंदू कॉलेज के वार्षिक सम्मान समारोह में 120 छात्रों को डिग्रियां वितरित कीं। इस मौके कॉलेज में व्यतीत किए गए अपने स्टूडेंट लाइफ को याद किया। इा दौरान वह छात्र जीवन के पुराने साथियों को देखकर बहुत खुश दिखे। उन्होंने कहा कि कॉलेज में सबसे अधिक पीएचडी किए हुए अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं, जिन्होंने देश व विदेश के लिए कई मेधावी छात्र दिए हैं, जिनमें से एक वह भी हैं, जो कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद सफलता की ओर बढ़ते हुए देश के प्रधानमंत्री भी बने।

उन्होंने कहा कि हिंदू कालेज नेशनल ऐसेसमेंट एंड ऐक्रिडेशन कौंसिल (एनएएसी) द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो कॉलेज की बेहतर सुविधाओं के चलते ही हासिल हुई है। कॉलेज के दर्जनों विद्यार्थी रहे बच्चे नेशनल-इंटरनेशनल स्तर पर स्पोट्र्स के मैदान में नाम रौशन कर रहे हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों के अहम पदों पर आसीन होकर व फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर व एक्ट्रेस के तौर पर काम करते हुए कॉलेज का नाम चमका रहे हैं। डॉ. मनमोहन सिंह के साथ उनकी पत्नी गुरशरन कौर भी थीं।

वर्ष 1950 में यूनिवर्सिटी के परिणाम में रहे थे अव्वल

पूर्व प्रधानमंत्री ने कॉलेज के ङ्क्षप्रसिपल डॉ. पीके शर्मा का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह उनके आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें कॉलेज के वार्षिक सम्मान समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि साल-1950 में वह यूनिवर्सिटी द्वारा घोषित परिणाम में पहले स्थान पर रहे थे, जिसमें तत्कालीन ङ्क्षप्र. संत राम ग्रोवर, ङ्क्षप्र. बीएल कपूर, प्रोफेसर मस्त राम जैन व प्रो. एसआर कालिया व डॉ. जुगल किशोर उनके मार्गदर्शक रहे हैं।

कॉलेज के एलुमनी रहे हैं पूर्व प्रधानमंत्री

हिंदू कॉलेज से डॉ. मनमोहन सिंह सहित पद्मभूषण व पद्मश्री बीएन गोस्वामी, कवि व फिल्म डायरेक्टर केदार शर्मा, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मदन लाल, बिशन सिहं बेदी, पद्मभूषण व पद्मविभूषण प्रथम फील्ड मार्शल माणिक शाह, न्यायाधीश एचआर खन्ना, पद्मविभूषण एमके रसगोत्रा, लेफ्टिनेंट जर्नल बीकेएन छिब्बड़, उतरांचल की पूर्व डीजीपी कंचन चौधरी, अर्जुन अवार्डी दविंदर आहुजा, सेवानिवृत आइएस एनएस रत्ना, हास्य व कलाकार कपिल शर्मा आदि प्रमुख एलुमनी रह चुके हैं।

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