पावरफुल पुतिन और महाबली मोदी की दमदार दोस्ती ने महायुद्ध में मार लिया मैदान

जी हाँ!! पावरफुल पुतिन और महाबली मोदी की दमदार दोस्ती ने महायुद्ध में मार लिया मैदान| कहते हैं कि हारकर जीतने वाले को ही बाजीगर कहते हैं। भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति को बाजीगर कहें तो कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी। मोदी और पुतिन की दोस्ती ने एक ऐसी जंग में जीत हासिल कर ली है, जिसे लेकर पूरी दुनिया में चर्चाओं का बाजार गर्म था।

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भारत के पीएम और रुस के राष्ट्रपति की दोस्ती ही ऐसी है कि दुनिया का हर एक मुल्क इस दोस्ती से खौफ खाने लगा है। चाहे फिर वो पाकिस्तान हो या फिर चीन ही क्यों ना हो। इस बार इस दोस्ती ने तेल की जंग को जीत ही लिया और यकीन मानिए ये जंग आखिरी वक्त में हासिल की गई है। जिस डील के लिए रूस लगातार कोशिशें कर रहा था आखिरकार भारत के पीएम की मदद से रूस ने उस जंग में जीत हासिल ही कर डाली और पूरी दुनिया बस देखती रही।

दरअसल रूस की दिग्गज तेल कंपनी रोजनेफ्ट भारत की रिफाइनरी एस्सार के अधिग्रहण को लेकर लगातार कोशिशें कर रही थी। लेकिन इस बीच लग रहा था आखिरी वक्त में सऊदी अरब की एक बड़ी कंपनी इस मामले में बाजी मार लेगी। आपको ये भी बता दें कि रूस और सऊदी अरब के बीच तेल के मार्केट में खुद की ताकत दिखाने को लेकर लगातार लड़ाई चल रही थी। लेकिन सूत्रों का कहना है कि आखिरी दौर में रुस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भारत के पीएम से बात की और ये लड़ाई जीत ली। इस आखिरी वक्त में रूस की कंपनी रोजनेफ्ट ने 13 अरब डॉलर में एस्सार को आखिरकार खरीद ही लिया। ये तेल की वो बड़ी लड़ाई है जिसमें भारत के प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति की जबरदस्त  दोस्ती ने जीत हासिल की है। बताया जा रहा है कि इससे पहले रोजनेफ्ट में करीब 7 अरब रुपये में एस्सार को खरीदने का प्रस्ताव दिया था लेकिन उस वक्त को  सौदा मंजूर नहीं हो पाया था। करीब दो महीने पहले ये बातचीत हुई थी और उसके बाद इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई तो सऊदी अरब ने इस मौके का फायदा उठाने की सोच ली। जब सऊदी अरब ने इस मामले में तेजी दिखाई तो आखिरकार रूस भी इस लड़ाई में कूद पड़ा और सूत्रों का कहना है कि आखिरकार भारत के प्रधानमंत्री की मदद से इस जंग में जीत भी हासिल कर ली। आपको इसेक साथ ही ये भी बता दें कि इस डील के साथ ही रूस की कंपनी अब भारत में सबसे बड़ी विदेशी रिफायनरी कंपनी बन गई है। इस डील के साथ ही ओपेक के सबसे बड़े मेंबर सऊदी अरब की तमाम कोशिशों को करारा झटका लगा है।

भारत के पीएम मोदी और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है। चाहे वो बात बड़े हथियारों की डील की हो, या फिर फाइटर जेट्स की डील की हो, हर बार इन दोनों के बीच हुई डील ने दुनियाभर के मुल्कों को सोचने पर मजबूर कर दिया था। रोजनेफ्ट और एस्सार डील के सूत्रों ने बताया है कि भारत के पीएम और रूस के राष्ट्रपति की बातचीत के बाद ही रोजनेफ्ट ने सऊदी से ज्यादा बोली लगाई है। हालांकि इस बारे में अब तक पीएमओ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस बीच व्लादिमीर पुतिन के स्पोक्सपर्सन ने सरकार की दखल की बात से भी किनारा किया है। कुल मिलाकर चाहे  कोई कुछ भी कहे लेकिन एक बात तो साफ है कि भारत के पीएम और रूस के राष्ट्रपति की ये दोस्ती आगे भी कई कमाल दिखाने वाली है।

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