धन,संपत्ति व ऐश्वर्य चाहिए तो ऐसे करे मातृ नवमी का श्राद्ध

Navami is celebrated for the pleasure of the ancestors
श्राद्ध पक्ष की नवमी तिथि पर पितरों की प्रसन्नता के लिए नवमी का श्राद्ध किया जाता है। नवमी तिथि पर श्राद्ध करने से धन, संपत्ति, ऐश्वर्य व मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। इस दिन विधि-विधान से श्राद्ध करने के बाद कुछ खास उपाय किए जाएं तो परिवार की जितनी भी महिलाओं की मृत्यु सुहागिन अवस्था में हुई है, उनका आशीर्वाद मिलता है। यह तिथि माता और परिवार की विवाहित महिलाओं के श्राद्ध के लिए श्रेष्ठ मानी गई है, इसलिए इसे मातृ नवमी भी कहते हैं।
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नवमी तिथि पर ऐसे करें श्राद्ध और उपाय
श्राद्ध के दिन घर के बाहर रांगोली बनाएं और शुद्धतापूर्वक भोजन बनाएं। गाय के कंडे को सुलगा कर उस पर घी और गुड़ मिलाकर धूप दें। खाने में खीर जरूर बनाएं क्योंकि ऐसे भोजन की पितृ इच्छा रखते हैं। इसके बाद श्राद्ध के लिए भोजन का कुछ अंश भी कंडे पर डालें। धूप देते समय ऊं पितृदेवताभ्यो नम: बोलते रहें।
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इसके बाद हथेली में पानी लेकर अंगूठे के माध्यम से जमीन पर छोड़ें। ऐसा तीन बार करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। किसी विवाहित महिला को भोजन के लिए बुलाएं। भोजन के बाद उन्हें सुहाग की सामग्री भेंट करें जैसे- साड़ी, लाल चूड़ियां, कुंकुम आदि।
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सामग्री भेंट करने के बाद ब्राह्मण महिला के पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें ससम्मान घर के दरवाजे तक छोड़ कर आएं। नवमी तिथि पर इस विधि से श्राद्ध किया जाए तो पितरों की कृपा से जीवन का हर सुख मिल सकता है।

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