देवी- देवताओं के सामने अलग-अलग तरह के दीपक जलाने से होते हैं ये फायदे

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पूजा-पाठ में दीपक जलाने से जहां देवी-देवता प्रसन्न होते हैं, वहीं सकारात्मक ऊर्जा भी फैलती है। दीपक जलाने का महत्व केवल पूजा-पाठ में ही नहीं है, बल्कि इससे ग्रहदोष भी शांत होते हैं, साथ ही अन्य परेशानियां भी दूर होती हैं। हिंदू धर्म शास्त्रों में दीप जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। पूजा-पाठ में दीपक जलाने का विशेष महत्व होता है, वहीं इसकी रोशनी से अंधियारा भी दूर होता है। घर में दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। दीपक से जुड़े ऐसे कई उपाय हैं, जो घर की सुख-शांति को बनाए रखते हैं।देवी- देवताओं के सामने अलग-अलग तरह के दीपक जलाने से होते हैं ये फायदे

अगर किसी को धन संबंधी समस्या बनी रहती है, तो घर के मंदिर में नियमित रूप से शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होंगी और कृपा बरसाएंगी। नौकरी में बॉस या सहकर्मी परेशान करते हैं, बनते कार्य बिगड़ जाते हैं, तो शनिवार के दिन भगवान शनि के आगे तेल का दीपक जलाने से लाभ होता है।

यदि शत्रुओं से पीड़ा हो अथवा कोई आपको परेशान करता है, तो शनिदेव और भैरो बाबा के समक्ष नियमित तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके साथ ही यदि कुंडली में सूर्य या शनि कमजोर हो, तो सूर्य को प्रसन्न करने के लिए भी तेल का दीपक जलाना शुभ होता है। ऐसी स्त्री जिसका पति किसी बीमारी से जूझ रहा हो, परेशानी से घिरा हो, उसे पति की लंबी आयु व परेशानी से मुक्ति के लिए महुए के तेल का दीपक जलाना चाहिए।

यदि कुंडली में राहु-केतु नीच के हैं, तो अलसी के तेल से बना दीपक जलाना लाभकारी होता है। अगर आप किसी रोग से पीड़ित हैं, तो रोजाना सूर्यदेव के समक्ष तेल का दीपक जलाने से लाभ होगा। श्रेष्ठ जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष घी का दीपक जलाने से जल्द ही इच्छापूर्ति होती है। राम दरबार के समक्ष घी का दीपक जलाने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

अगर आप शिक्षा, कला, साहित्य के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो सरस्वती मां के समक्ष दो मुखी घी का दीपक जलाने से ज्ञान में वृद्धि होती है। भगवान गणेश की कृपा प्राप्ति के लिए तीन बत्तियों वाला घी का दीपक जलाना चाहिए। देवी लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे, इसके लिए लक्ष्मी जी के समक्ष सातमुखी घी का दीपक जलाएं।

भगवान भोलेनाथ की नियमित पूजा कर, उनके समक्ष बारहमुखी दीपक जलाने से वह जल्द प्रसन्न होकर सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। घर में सुख-शांति बनी रहे और रिश्तों में मधुरता आए, इसके लिए भगवान विष्णु की पूजा कर उनके समक्ष सोलह बत्तियों का दीपक जलाना चाहिए।

पूजा की थाली में दीपक कई प्रकार के हो सकते हैं। जैसे- मिट्टी, आटा, तांबा, चांदी, लोहा, पीतल तथा स्वर्ण धातु का। सर्व प्रकार की साधनाओं में मूंग, चावल, गेहूं, उड़द तथा ज्वार को समान भाग में लेकर इसके आटे का दीपक श्रेष्ठ होता है। किसी-किसी साधना में अखंड ज्योत जलाने का भी विशेष विधान है, जिसे शुद्ध गाय के घी और तिल के तेल के साथ भी जलाया जा सकता है।

घर की उत्तर दिशा में दीपक जलाने से आयु और धन में वृद्धि होती है और हर मनोकामना पूरी होती है। पश्चिम और दक्षिण दिशा में दीपक जलाना अनिष्टकारी माना गया है। इस दिशा में दीपक जलाने से दुखों में इजाफा होता है और परिवार को कष्ट उठाने पड़ते हैं। घर में नियमित रूप से दीपक जलाने से घर पर बुरी नजर का असर नहीं होता है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से शनिकृपा बनी रहती है। दीपक का उजाला मन के अंधकार को दूर कर, उत्साह और साहस में भी वृद्धि करता है।

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