दक्षिण चीन सागर में गश्त बढ़ाएगा अमेरिका, चीन को रोकने की तैयारी

दक्षिण चीन सागर में अमेरिका और चीन के बीच तनाव फिर से बढ़ने की कगार पर है. अमेरिका ने कहा है कि वह समुद्री क्षेत्र में अपनी गश्त बढ़ाने जा रहा है. अमेरिका के इस कदम को चीन की ओर से की गई सैन्य तैनाती के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. अमेरिका इस इलाके में जैमर और अत्याधुनिक रडार स्थापित करने जा रहा है.दक्षिण चीन सागर में गश्त बढ़ाएगा अमेरिका, चीन को रोकने की तैयारी

अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने दो दिन पहले ही दक्षिण चीन सागर में चीनी सेना के विस्तार पर चिंता जाहिर की थी. मैटिस ने सिंगापुर में कहा था कि विवादित समुद्री क्षेत्र में अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों की तैनाती कर चीन अपनी दादागीरी दिखाना चाहता है. अब अमेरिका के इस कदम को उसी की प्रतिक्रिया माना जा रहा है.

फैसले की जानकारी देते हुए पेंटागन की ओर से कहा गया कि हम अपने मित्रों और सहयोगियों के साथ काम करना चाहते हैं और पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति के लिए प्रतिबद्ध है.

बीते दिनों अमेरिकी वायुसेना के 2 बमवर्षक विमानों ने एक प्रशिक्षण मिशन के तहत दक्षिण चीन सागर के ऊपर से उड़ान भरी थी. वायु सेना के अनुसार, बमवर्षक विमान ने गुआम द्वीप स्थित एंडरसन हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन इसका खुलासा नहीं हुआ था.

अमेरिका पहले भी चीन की ओर से दक्षिण चीन सागर पर नियंत्रण स्थापित करने के प्रयासों पर चिंता जाहिर कर चुका है. अमेरिका ने कहा था कि चीन काफी समय से दक्षिण चीन सागर पर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है और वह सैन्य ठिकाना स्थापित करना चाहता है. इसके जरिए चीन को दुनिया के उस क्षेत्र के माध्यम से वायु और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी.

अमेरिका के हालिया कदम के बाद अब इस अशांत क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बढ़ने की आशंका है क्योंकि इस इलाके में दोनों ही ताकतवर देश अपना प्रभाव बढ़ाना चाहते हैं. इसी दिशा में अलग-अलग समय पर कदम उठाए गए हैं.

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