थरूर के डिनर पार्टी में सोनिया को पत्र लिखने के लिए बनी थी भूमिका

जुबिली न्यूज डेस्क
सोमवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले 23 नेताओं के एक पत्र से हंगामा मच गया था। इस पत्र को लेकर राहुल, प्रियंका से लेकर सोनिया गांधी के करीबी कहे जाने वाले नेताओं की भृकुटि तन गई। सभी ने पत्र लिखने वाले नेताओं पर निशाना साधा।
फिलहाल कांग्रेस कार्यसमिति की सात घंटे की मैराथन बैठक के बाद तूफान शांत हो गया लेकिन इसकी पड़ताल शुरु हो गई है कि आखिर पार्टी के भीतर सुधार को लेकर सोनिया गांधी को पत्र लिखने का आइडिया किसका था।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के भीतर सुधारों की आवश्यकता पर अनौपचारिक विचार-विमर्श कम से कम पांच महीन पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा आयोजित डिनर पार्टी में शुरू हुआ था। वहां कई कांग्रेसी जो उनके मेहमान थे उन्होंने इसकी पुष्टिï की है।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक खुलासा हुआ है कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे गए पत्र के बीज कुछ समय पहले ही बोए गए थे। महत्वपूर्ण बात यह है कि कई लोग जो इस बैठक का हिस्सा थे, उन्होंने पत्र पर अपने हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
शशि थरूर के डिनर पार्टी में शामिल होने वाले नेता, जिन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए उनमें पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम, सचिन पायलट, अभिषेक मनु सिंघवी और मणिशंकर अय्यर हैं।
अभिषेक मनु सिंघवी ने थुरूर के डिनर में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि- मुझे एक दिन के नोटिस पर शशि थरूर द्वारा रात के खाने पर आमंत्रित किया गया था। पार्टी के भीतर सुधारों के रचनात्मक मुद्दे पर एक अनौपचारिक चर्चा हुई। इसके बाद, मुझे पत्र के बारे में किसी भी स्तर पर सूचित नहीं किया गया था।
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वहीं इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा कि वह “पार्टी मामलों” पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। पायलट, ने पिछले महीने ही, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ बैठक के बाद पार्टी की तह में लौटने से पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया और इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। थरूर ने इसपर कॉल्स और संदेशों का जवाब नहीं दिया।
वहीं अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहने वाले मणिशंकर अय्यर ने अधिक स्पष्ट रूप से कहा, “मैंने हस्ताक्षर नहीं किया क्योंकि मुझे किसी ने नहीं पूछा था। किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया।”
अय्यर ने कहा कि पार्टी को पुनर्जीवित करने और हमारे धर्मनिरपेक्ष क्रेडेंशियल्स पर वापस जाने की आवश्यकता पर एक सामान्य चर्चा हुई। एक सुझाव था, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया, पत्र भेजने की आवश्यकता थी। हालांकि, किसी ने मुझे उस रात के खाने के बाद संपर्क नहीं किया।

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