तेजस्‍वी का सीएम नीतीश के नाम खुला पत्र- हिंसा का वातावरण जनता के हित में नहीं

पटना। बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने सीएम नीतीश के नाम एक खुला पत्र लिखा है। कहा कि राज्‍य में जिस तरह से हिंसा का वातावरण पैदा किया जा रहा है, वह जनता के हित में नहीं है। देश की गंगा-जमुनी तहजीब और संस्कृति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

नेता प्रतिपक्ष ने पत्र के माध्‍यम से कहा कि आपकी सरकार में राज्य में हिंसा का वातावरण पैदा किया जा रहा है, वह राज्य की जनता के हित में कतई नहीं है। आपने भी संघमुक्त भारत की बात कही थी। लेकिन आज किस वजह से अब आप संघयुक्त भारत की पैरवी कर रहे है यह रहस्य तो आप ही जानते है। यह सब समाज में ध्रुवीकरण करने और उसके आधार पर मतदान को प्रभावित कर राजनीतिक हित साधने का ही प्रयास है। इस रणनीति से राजनीतिक लाभ उठाया जा सकता है, लेकिन देश की गंगा-जमुनी तहजीब और संस्कृति पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। 

तेजस्‍वी ने आगे कहा कि भागलपुर में बिना प्रशासनिक अनुमति के संघ समर्थित एक जुलूस निकाला गया और ठीक उसके बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा में गोलियां तक चली। अररिया में हुए उपचुनाव के बाद योजनाबद्ध तरीके से एक छेड़छाड़ किया गया वीडियो वायरल कर दिया गया इसमें दिखाया कि एक विशेष समुदाय के लोगों ने जीत का जश्न मनाने के क्रम में देश विरोधी नारे लगाए और आपत्तिजनक टिप्पणियां की। बिना जांच किए ही उस वीडियो के ऊपर गैर जिम्मेवाराना तरीके से टिप्पणी करना शुरू हो गई।

बिहार का कभी इतिहास नहीं रहा है कि सांप्रदायिक दंगों से राज्य को पाट दिया गया हो और रोज अप्रिय साम्प्रदायिक घटनाएं सामने आ रहे हो। जो लोग मरते हैं,जलते हैं, वे हाड़ मांस के इंसान होते हैं कोई पुतले नहीं। तेजस्‍वी ने कहा कि मैं हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि आप सबसे पहले बिहार की जनता के हित को देखें और  उन्मादी आग से राज्य को निजात दिलाने के उपाय करें। आप वाजपेयी जी की राजधर्म वाली सीख को मानिए।

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