तीन महीनों में 28 बार चीनी सैनिक घुसे भारतीय सीमा में

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस साल अप्रैल से लेकर जून के बीच दो बार मुलाकात हुई है. लेकिन इस दौरान भारत-चीन सीमा पर ‘सीमा उल्लंघन’ में कोई कमी नहीं आई है. अप्रैल से जून के बीच चीनी सैनिक 28 बार भारतीय सीमा में  घुसे हैं. अप्रैल के आखिर में मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात वुहान समिट में हुई थी. इसके बाद दोनों नेता जून में SCO समिट के दौरान भी मिले थे.तीन महीनों में 28 बार चीनी सैनिक घुसे भारतीय सीमा में

इतना ही नहीं चीनी सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, अपने सैनिकों को भारत के साथ संभावित सैन्य टकराव के लिए भी ट्रेनिंग दे रही है. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने 28 में से 22 बार ये ‘सीमा उल्लंघन’ मई के महीने में किए हैं. कुछ मामलों में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच ये टकराव भारतीय क्षेत्र के करीब 20 किलोमीटर अंदर हुआ है. जबकि बाकी 6 बार मानव रहित विमान (UAV) से सीमा का उल्लंघन किया गया है.

ये ‘सीमा उल्लंघन’ मुख्य रूप से लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के इलाकों में हुआ है. लद्दाख में ‘सीमा उल्लंघन’ की सूचना डेपसांग, पांगांग सो (झील), डेमचोक और ट्रिग हाइट्स से मिली है. मई महीने में दक्षिण और मध्य लद्दाख में, चीनी ने UAV से भारतीय सीमा का उल्लंघन किया है.

देसपांग में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिक भारतीय क्षेत्र में लगभग 20 किलोमीटर अंदर तक आ गए थे. ये एक ऐसा क्षेत्र है जहां नियमित रूप से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव होता रहता है. इस साल मार्च में चीनी सैनिकों ने देसपांग के इलाके में छह बार घुसपैठ किया.पिछले साल डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच 73 दिनों तक तनाव देखने को मिला था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच घुसपैठ और सीमा का उल्लंघन एक बड़ा मुद्दा बन गया है. दोनों देश सीमा विवादों को हल करने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले साल यानी 2017 में चीनी सैनिकों ने 426 बार सीमा का उल्लंघन किया. जबकि साल 2016 में ऐसा सिर्फ 273 बार हुआ था.

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