डेटा लीक मामले में क्रिस विली ने कहा कांग्रेस के लिए किया काम

कैम्ब्रिज एनालिटिका (CA) डेटा लीक मामले में व्हिसलब्लोअर क्रिस विली के आरोपों को कंपनी ने एक तरह से गलत बताया है. कैम्ब्रिज एनालिटिका ने सफाई दी कि क्रिस विली कंपनी में पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्टर ही थे और उन्होंने जुलाई 2014 में ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया था. उन्हें कंपनी के कार्य या दस्तूर की कोई प्रत्यक्ष जानकारी नहीं थी.

गौरतलब है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी रहे क्रिस्टोफर विली ने कई खुलासे किए थे. उसने बताया कि भारत में रहकर काफी काम किया और उसका यहां ऑफिस भी था. विली ने ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में डिजिटल, कल्चर, मीडिया और स्पोर्ट्स कमिटी के सामने यह बयान दिया था.

बयान देते हुए विली ने कैम्ब्रिज एनालिटिक के साथ काम करने वाली पार्टियों का नाम लेते हुए भारत की कांग्रेस पार्टी का भी नाम लिया. विली के अनुसार उसे पूरा विश्वास है कि ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ की एक क्लाइंट कांग्रेस भी थी. कंपनी ने कांग्रेस पार्टी के लिए हर तरह के प्रोजेक्ट पर काम किया.

रविशंकर प्रसाद ने कहा-माफी मांगे कांग्रेस

केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इसके बाद मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टफर विली के खुलासे पर कांग्रेस को अपने निशाने पर लिया. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विली के इस खुलासे से कि उन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर काम किया है, राहुल गांधी और कांग्रेस की पोल खुल गई है.

प्रसाद ने कहा कि ‘कैम्ब्रिज एनालिटिका’ ने स्वीकार किया है कि कांग्रेस उसकी क्लाइंट रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसी कंपनी की मदद ली जो मतदाताओं को प्रभावित कर रही थी. इसके लिए अब कांग्रेस और राहुल गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए.

लेकिन कैम्ब्रिज एनालिटिका ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘विली ने कमिटी और मीडिया के सामने अपनी और कंपनी की गलत छवि पेश की है. उसने खुद यह स्वीकार किया है कि वह जो कुछ कह रहा है वह अनुमान पर आधारित है.’

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