डाल सकता है मुश्किल में गूगल मैप्स आपको, जानिए क्या है कारण

जिस रफ्तार से गूगल मैप्स का इस्तेमाल बढ़ा है उसी रफ्तार से इसके जरिए होने वाले स्कैम में भी बढ़ोतरी हुई है. गूगल मैप्स पर हर महीने जुड़ने वाले हजारों फेक अकाउंट के कारण इस वक्त ऐप पर 1 करोड़ 10 लाख के आसपास गलत फोन नंबर और अड्रेस लिस्ट हैं. गूगल मैप्स पर गलत अड्रेस और फोन नंबर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल बिजनस कॉम्पिटिशन में आगे बढ़ने के लिए किया जा रहा है.

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द वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से द वर्ज ने बताया कि ज्यादातर अड्रेस गूगल मैप्स पर रजिस्टर्ड बिजनस लिस्टेड लोकेशन्स पर मौजूद नहीं हैं. गलत अड्रेस के कारण सबसे ज्यादा स्कैम होने के खतरा कॉन्ट्रैक्टर्स, रिपेयरमैन और कार टोइंग सर्विसेज का इस्तेमाल करने पर हो सकता है.गूगल में इंटरनली इसे ‘duress verticals’ कहा जाता है क्योंकि ये सर्विसेज ऐसी हैं जिनके पास यूजर्स इमर्जेंसी की स्थिति में जाते हैं.

और उनके पास बिजनेस की विश्वसनीयता जांचने का समय नहीं होता. आइए जानते है पूरी जानकारी विस्तार से एक रिसर्च को गूगल ने साल 2017 में स्वंय अंजाम दिया था जिसमें दावा किया गया था कि गलत लिस्टिंग में केवल 0.5 प्रतिशत लोकल सर्च ही शामिल हैं. एक रिसर्च में पाया कि टॉप के 20 गूगल सर्च रिजल्ट्स में से 13 गलत अड्रेस लिस्ट हैं. इनमें केवल दो बिजनस ही पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए जो गूगल की गाइडलाइन का पालन करते हैं.

गूगल पोस्टकार्ड भेजकर, कॉल के जरिए या किसी न्यूमैरिकल कोड को गूगल की वेबसाइट पर एंटर करने को कह कर लिस्टेड बिजनस को वेरिफाइ करता है. हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है गूगल के इस वेरिफाइंग सिस्टम को गलत अड्रेस और फोन नंबर के साथ ठग आसानी से बाइपास कर सकते हैं. इसका सीधा नुकसान रियल बिजनस और ग्राहकों को होता है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गूगल के उस ऐलान के एक दिन बाद आई है जिसमें कहा गया था कि गूगल अब My Business Feature के जरिए बिजनेस को कंपनी प्रोफाइल को सर्च और मैप्स पर कस्टमाइज करने के लिए और ऑप्शन्स दे रहा है.गूगल ने यह भी कहा कि वह संग्दिग्ध बिजनस प्रोफाइल को रिपोर्ट करने के लिए बिजनस रिड्रेसल कंप्लेंट फॉर्म तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है. जिससे कि यूजर्स इस प्रकार के फ्रॉड के बारे में सीधे गूगल को रिपोर्ट कर सकेंगे.

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