Home > राष्ट्रीय > रेटिंग देने वाली एजेंसी मूडीज समझ बैठे CPM कार्यकर्ता, कहे अपशब्द

रेटिंग देने वाली एजेंसी मूडीज समझ बैठे CPM कार्यकर्ता, कहे अपशब्द

मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग अपग्रेड होने के बाद भी कई लोग केंद्र सरकार के खिलाफ हैं। विपक्ष अभी भी सरकार पर निशाना साधते हुए कह रहा है कि ‘बुरे दिन’ अभी खत्म नहीं हुए, लेकिन इस सबके बीच हैरान उन लोगों ने किया जो रेटिंग देने वाली एजेंसी मूडीज की जगह क्रिकेटर टॉम मूडी को उल्टा सीधा बोलने लगे।
रेटिंग देने वाली एजेंसी मूडीज समझ बैठे CPM कार्यकर्ता, कहे अपशब्ददरअसल, वामपंथी पार्टी (CPM) के कुछ कथित समर्थकों ने रेटिंग आने के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेटर को उल्टा सीधा बोला। वे लोग खुद को CPM पार्टी की ‘साइबर आर्मी’ का हिस्सा बता रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर टॉम मूडी इस वक्त सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच हैं। 

कैसे-कैसे ट्वीट आए

एक ने लिखा कि हम कम्यूनिस्ट पार्टी वाले जानते हैं कि आप लोगों ने अच्छी रिपोर्ट देने के लिए मोदी से कमीशन ली है। दूसरे ने लिखा कि 2019 में तुम्हारे मोदी को हरा दिया जाएगा। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि ऐसे रेटिंग देने के लिए मूडी को शर्म आनी चाहिए। हालांकि, कुछ लोग समझ गए थे कि यह गलत हो रहा है उन्होंने लोगों को बताने की कोशिश भी की थी कि जिन्हें वे लोग उल्टा सीधा बोल रहे हैं, उनका रेटिंग वाले मामले से कोई लेना देना नहीं है।

क्या है मूडीज: दुनिया की तीन बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक मूडीज है। दो अन्य रेटिंग एजेंसियों में फिच और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स शामिल हैं। वर्ष 1908 में मूडीज की स्थापना की गई थी। यह एजेंसी सरकारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा जारी बांड पर आधारित वित्तीय अनुसंधान करती है। इसी आधार पर वह देश की क्रेडिट रेटिंग जारी करती है। कुल मिलाकर उसकी रेटिंग के आधार पर यह तय होता है कि अमुक देश में निवेश कितना सुरक्षित है। मूडीज एएए से लेकर सी तक की रेटिंग जारी करती है। एएए सबसे बेहतर और सी सबसे खराब रेटिंग है।

 
Loading...

Check Also

योगी के मंत्री राजेंद्र सिंह ने अर्दली से साफ कराई सैंडल

योगी के मंत्री राजेंद्र सिंह ने अर्दली से साफ कराई सैंडल

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह अपने अर्दली से सैंडल में लगी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com