‘जिस यूनिवर्सिटी के धोनी टॉपर हैं , उसका मैं अभी स्टूडेंट हूं’: कार्तिक

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नई दिल्ली. इंडियन क्रिकेट में इन दिनों दिनेश कार्तिक सुर्खियों में है. कार्तिक के इस तरह सुर्खियों में छाए रहने की वजह है निदाहस ट्रॉफी के फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ खेली उनकी बेमिसाल पारी, जिसमें उन्होंने 8 गेंदों पर ही नाबाद 29 रन ठोक दिए थे. इस महज एक पारी के बाद कार्तिक रातों रात स्टार बन गए और उनकी तुलना धोनी से होने लगी.'जिस यूनिवर्सिटी के धोनी टॉपर हैं , उसका मैं अभी स्टूडेंट हूं': कार्तिक

‘मामूली स्टूडेंट’ से ‘यूनिवर्सिटी टॉपर’ की तुलना गलत

लेकिन अब कार्तिक ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए धोनी से अपनी तुलना को बेबुनियाद बताया है और ये साफ कर दिया है कि जहां तक मैच फीनिश करने की बात है तो धोनी इस मामले में बेस्ट हैं. उन्होंने खुद को इस फील्ड में ‘यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट’ बताया जबकि धोनी को ‘टॉपर’.

कार्तिक ने कहा, ” जब धोनी की बात आती है तो मैं अभी इस यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा हूं जबकि वो टॉपर हैं. वो ऐसे खिलाड़ी हैं जिनसे मैं हमेशा सीखता रहा हूं. उनके साथ मेरी तुलना ठीक नहीं होगी.”

14 साल में कार्तिक से काफी आगेे निकल गए धोनी

दिलचस्प बात ये है कि कार्तिक ने सितंबर 2004 में इंग्लैंड में चैंपियन्स ट्राफी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था जबकि धोनी ने इसके तीन महीने बाद दिसंबर में बांग्लादेश के खिलाफ अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था. अगले 14 साल में धोनी भारत के सबसे सफल कप्तान और लीमिटेड ओवर क्रिकेट के सफल क्रिकेटर बने गये जबकि कार्तिक जूझते रहे और मौके का इंतजार करते रहे.

कार्तिक ने कहा, ”धोनी का करियर पूरी तरह से अलग था और मेरा करियर पूरी तरह से अलग है. वो बेहतरीन खिलाड़ी हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में जब धोनी आए थे तो वो काफी शर्मीले थे. आज वो ऐसे व्यक्ति हैं जो युवाओं की मदद के लिए खुलकर बोलते हैं. मेरा मानना है कि इस तरह की तुलना पूरी तरह से अनुचित है. जैसे मैंने कहा कि वो यूनिवर्सिटी का टॉपर है जबकि मैं अभी पढ़ रहा हूं. मैं जिस स्थिति में हूं उससे खुश हूं.”

पिछले डेढ़ दशक से खेल रहे कार्तिक को आखिर में वो चर्चा मिली जिसके वो वास्तव में हकदार थे. इसे वो अपने अच्छे कर्म और ईश्वर की कृपा मानते हैं. कार्तिक ने कहा, ”सभी मेरे बारे में बात कर रहे हैं और इससे अच्छा लग रहा है. मैंने पिछले कुछ साल में जो अच्छे काम किये हैं उससे मुझे वो छक्का लगाने में मदद मिली. मेरे लिये उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. मैं ये खेल खेलकर खुश हूं. जब आप घरेलू क्रिकेट खेलते हो तो ये कठिन दौर होता है. अचानक इस तरह से चर्चा में आने से अच्छा लग रहा है”

कोई तुलना ही नहीं

बेशक, कार्तिक की कुछ हालिया पारियों ने अब दावा पेश किया है. 23 टेस्ट मैचों में उन्होंने 28 की औसत से एक हज़ार रन बनाए हैं . वहीं 79 वनडे में 1496 रन हैं और 19 टी20 मैचों में उन्होंने 269 रन बनाए हैं. दूसरी तरफ़ धोनी हैं. जिन्होंने 90 टेस्ट में 4876 रन, 318 वनडे में 9967 रन और 89 टी20 मैचों में 1444 रन बनाएं हैं.

लेकिन असल में दोनों के बीच बल्लेबाज़ी या विकेटकीपिंग की कोई तुलना नहीं. विकेटकीपिंग में धोनी का जलवा ही ऐसा रहा कि किसी और विकल्प के बारे में विचार करने की बारी ही नहीं आई. यही वजह है कि कार्तिक भी धोनी से अपनी तुलना को सही नहीं ठहरा रहे.

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