जानिए क्यों हर साल निकाली जाती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

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हर साल पुरी में भगवान जगन्नाथ की यात्रा निकाली जाती है और हर साल इस यात्रा में लाखो लोग शामिल होते है. यह यात्रा भगवान जगन्नाथ को उनके गर्भ ग्रह से निकालकर की जाती है. हर साल यह भगवान जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाती है और इस साल भी यह निकाली जाने वाली है. लोगों को इसका बेसब्री से इंतज़ार है और सभी इसकी तैयारियों में जुट चुकें हैं. जानिए क्यों हर साल निकाली जाती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राजानिए क्यों हर साल निकाली जाती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा

बहुत से लोगों को यह पता है कि रथयात्रा क्यों निकाल जाती हैं वहीं बहुत से लोग इस बारे में नहीं जानते. तो आइए आज हम बताते हैं कि आखिर क्यों निकाली जाती है जगन्नाथ रथयात्रा..? दरअसल इस रथयात्रा के पीछे यह मान्यता है कि पुराने समय में भगवान अपने गर्भ ग्रह से निकलकर अपनी प्रजा के सुख और दुःख को खुद ही देखा करते थे और उनके साथ उस समय बलराम, श्रीकृष्ण और देवी सुभद्रा भी होते थे. इस वजह से आज भी जब उनकी रथयात्रा निकाली जाती है तो उसमे बलराम, श्रीकृष्ण और देवी सुभद्रा भी शामिल होते हैं.  सभी के लिए अलग से रथ बनाए जाते हैं. रथयात्रा के दौरान सबसे आगे बलरामजी का रथ, उसके बाद बीच में देवी सुभद्रा का रथ और सबसे पीछे भगवान जगन्नाथ श्रीकृष्ण का रथ होता है. यात्रा में सभी लोग भगवान के जयकारे लगाते हुए जाते हैं. पूरी में बनाया गया जगन्नाथ मंदिर भारतीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं और उस मंदिर को चारो धामों में से एक भी कहा जाता है.

भारत के कई लोग उनके दर्शन के लिए हर साल जाते हैं. जगन्नाथ मंदिर में अक्सर ही लोगों की भारी भीड़ होती है. भगवान जगन्नाथ की महिमा विश्व प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि जगन्नाथ धाम 800 साल से भी ज्यादा पुराना है. पुराणों के अनुसार जगन्नाथ पुरी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और उसे ही धरती का बैकुंठ कहा जाता है. जनश्रुति है कि यहाँ पर भगवान विष्णु ने पुरुषोत्तम नीलमाधव का अवतार भी लिया था. यह मंदिर बहुत ही मशहूर है और इस मंदिर की महिमा का हर व्यक्ति गुणगान करता है.

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