जाट हिंसा में मारे गए नौ लोगों के परिजनों को मदवि में मिली…

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रोहतक। पिछले साल फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ने नौ लोगों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय में पांच और लोगों को नौकरी दी जानी है। तीन अन्य लोगों को रोहतक पीजीआइ में नियुक्ति दी जाएगी। इस तरह रोहतक में कुल 17 लोगों को नियुक्तियां मिलेंगी। पूर्व में एक के परिजन को मुरथल यूनिवर्सिटी और एक को फतेहाबाद नगरपालिका में नौकरी दी जा चुकी है।

जाट हिंसा में मारे गए नौ लोगों के

रोहतक में कुल 17 लोगों को दी जानी हैं नियुक्तियां

मदवि की ओर से झज्जर के रामबीर राणा और कबलाना गांव के नवीन सहित नौ लोगों को नियुक्ति पत्र दिए गए। रामबीर को क्लर्क और नवीन को वर्कशॉप में असिस्टेंट की जॉब दी गई है। हिंसा में रामबीर के भाई प्रदीप और नवीन के भाई प्रवीन मौत हो गई थी।

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के हरियाणा प्रभारी एडवोकेट अशोक बल्हारा ने कहा कि सरकार से समझौते के तहत ही मृतकों के परिजनों को नौकरी दी जा रही हैं।गौरतलब है कि पिछले वर्ष फरवरी में आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई ङ्क्षहसा में प्रदेश में कुल 31 लोग मारे गए थे। सरकार ने उन सभी के परिजनों को नौकरी देने का वादा किया था। इसी के तहत 12वीं तक शिक्षा पाए परिजनों को सी कैटेगरी व उससे कम शिक्षा वालों को डी कैटेगरी में नौकरी दी जा रही है।

मारे गए एक व्‍यक्ति की पत्नी को गुजवि में मिली नौकरी

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हिसार :  इस हिंसा में हांसी के ढाणी पाल में मारे गए मिंटू राम की पत्नी पूनम को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (गुजवि) में सेवादार के पद पर नियुक्ति दी गई है। यह प्रस्ताव बृहस्पतिवार को हुई 77वीं कार्यकारी परिषद की बैठक में पास कर दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने की और संचालन कुलसचिव डा. अनिल कुमार पुंडीर ने किया।

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