चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल के दाम दे सकते हैं झटका, हो सकती है बढ़ोतरी

मई महीने में पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी कटौती दर्ज हुई है और पिछले आठ दिनों में तो पेट्रोल जहां 1.82 रुपए सस्ता हुआ है वहीं डीजल के 80 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो चुका है। लेकिन, तेल के दामों में आई इस कमी पर जो जश्न आप मना रहे हैं वो कहीं सदमे में ना बदल जाए। दरअसल, खबर आ रही है कि लोकसभा चुनाव के बाद तेल के दामों में तेजी आ सकती है।

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आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दिनों अमेरिका की ईरान और चीन के साथ खींचतान चल रही है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव का असर आने वाले दिनों में तेल के दामों पर नजर आ सकता है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की जल सीमा में चार तेल टैंकरों पर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है और तेल मूल्य बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। अगर ऐसा हुआ तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं।

वैसे तो सरकारी तेल कंपनियों को घरेलू बाजार में पेट्रोल व डीजल की कीमत तय करने की आजादी मिली हुई है और वे इस आजादी के तहत ही रोजाना उक्त दोनों उत्पादों की खुदरा कीमत तय करते हैं, लेकिन पिछले तीन वर्षों में इस बात के कई उदाहरण हैं जब इन कंपनियों ने चुनावों से पहले दामों में कम बढ़ए हैं।

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इस बार भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखे तो ऐसा लगता है कि तेल कंपनियां दाम क्यों नहीं बढ़ा रही हैं। 6 मई, 2019 को दिल्ली मे पेट्रोल 73 रुपए प्रति लीटर थी जो 14 मई, 2019 को घट कर 71.18 रुपये हो गई है। जबकि डीजल इस दौरान 66.66 रुपए प्रति लीटर से घट कर 65.86 रुपए प्रति लीटर पर है।

यह कमी तब की गई है जब क्रूड की कीमतें कमोवेश स्थिर बनी हुई हैं लेकिन डॉलर के मुकाबले रुपए में मजबूती आई है। सोमवार को रुपए डॉलर के मुकाबले एक ही दिन में 59 पैसे कमजोर हो कर 70.51 रुपए पर बंद हुआ। यह रुपए का पिछले दो महीने का न्यूनतम स्तर है। बताते चलें कि घरेलू बाजार में पेट्रोल व डीजल की कीमत को तय करने में रुपए की कीमत की अहम भूमिका होती है। मोटे तौर पर अगर डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में 100 पैसे की की कमजोरी आती है तो पेट्रोल की कीमत में 40 पैसे के इजाफे की सूरत बनती है।

दूसरी तरफ इरान पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों को लेकर जो अनिश्चितता बन रही है वह भी भारतीय ग्र्राहकों के लिए सुखद संकेत नहीं है। अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी रिश्तों को लेकर तनाव का असर भी क्रूड की कीमतों पर पडऩे की बात कही जा रही है।

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