घर पर आई हो खुशी तो सब का मुँह मीठा करे घेवर से….

घेवर राजस्थानी लोगों की पसंदीदा मिठाई हैं। घेवर बनाना बहुत ही आसान है, बस इसे थोड़ी सावधानी से बनाया जाए तो ये बहुत ही अच्छा बनता है। घेवर अलग अलग स्वाद और अलग अलग तरीके से बनाया जाता है। जैसे मावा गेवर, सादा गेवर, रबड़ी घेवर । रबड़ी घेवर में रबड़ी का उपयोग किया जाता है। आज हम सादा घेवर बनाएंगे।घर पर आई हो खुशी तो सब का मुँह मीठा करे घेवर से....

सामग्री:

3 कप मेदा

1 ½  कप घी

1 टेबल स्पून कॉर्नफ्लोर

4 कप पानी

3/4 कप दूध

1 टी.स्पून केसर

1/4 टी.स्पून पीला रंग

1 टी.स्पून

घी तलने के लिए

चाशनी के लिए:

1 इलायची पाउडर

1/2 कप चीनी

1 कप पानी

विधि:

एक पैन में पानी और चीनी डालकर गर्म कीजिये। इस पानी को तब तक उबाले जब तक चाशनी 1 तार की ना हो जाए। चाशनी 1 तार की हुई है या नही यह देखने के लिए चाशनी की एक बूंद लेकर अंगुली और अंगूठे के बीच दबाकर खींचे अगर तार बीना टूटे बने तो समझना की चाशनी तैयार है। अगर चाशनी बन गई है तो, गैस को बंध कर दीजिए और इलायची पाउडर डालकर मिश्रित कीजिए।

एक बाउल लीजिए। उसमे घी और  मेदा डालकर मिलाइए। इसमे थोड़ा थोड़ा करके दूध डालकर फेंटे। अब इसमे आवशयकता अनुसार पानी डालकर गेवर के लिए गोल तैयार करें। इस गोल को लगातार फैंटते रहे, जब तक इस में लचीलापन ना आ जाए, और घी ओर पानी अलग न हो जाए। ध्यान रहे कि गोल में गठाने रह न जाए। केसर को 1 टेबल स्पून दूध में भीगोकर रखे। एक गहरे बर्तन में घी गर्म करे। अंदर घेवर का सांचा या गोल आकार की रींग रखे। एक चम्मच भरकर के मिश्रण को गर्म घी में सांचे के अंदर ऊपर से लंबी धार बनाके डाले। जब अंदर बुलबुले हो तब मिश्रण को एक चम्मच या चाकू से पैन के एक तरफ किनारो पर लीजिए। फिर से मिश्रण को लंबी धार करके घी में डालिए। इसी तरह से 3 से 4 बार करते रहे और चम्मच की सहायता से गेवर के बीच में छेद बनाएं।

जब घेवर ऊपर से भूरे रंग का हो जाए तब बडी सावधानी से बाहर निकालकर चाशनी में डूबाकर रखे। अब घेवर को चाशनी में से बाहर निकालिए। इसी तरह से सारे गेवर बनाइए। एक प्लेट में सर्व करे। ऊपर से काजु और बादाम के टुकड़ों से सजाएं।

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