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घर के आस-पास हैं एेसे रूखे-सूखे पेड़ तो हो सकता है आपके लिए खतरा…

इस धरती का कोई इंसान नहीं, जिसकी लाइफ में कोई मुसीबत या परेशानी न हो। कई बार इंसान अपनी लाइफ में लगातार आने वाली परेशानियों का कारण समझ नहीं पाता। कुछ ज्योतिषियों के अनुसार कई बार इन समस्याओं का कारण घर में उत्पन्न वास्तु दोष भी हो सकता है। ये वास्तु दोष घर के किसी भी कोने में पैदा हो जाते हैं। कई बार घर में लगे पेड़-पौधे भी वहां रह रहे लोगों की परेशानियों का कारण होते हैं। तो आईए जानते हैं कि घर में कौन से पेड़ होने चाहिए और अगर घर के पास दोष पैदा करने वाले पेड़ हो तो उनके नकारात्मक प्रभावों से खुद को कैसे बचाया जा सकता है।घर के आस-पास हैं एेसे रूखे-सूखे पेड़ तो हो सकता है आपके लिए खतरा...

उपाय 
अगर किसी के घर के पास या आंगन में जला हुआ या कोई सूखा पेड़ हो तो इन पेड़ों के पास तुलसी, अशोक, नीम, चंदन, विल्ब पत्र, पीपल या नागकेसर के पौधे लगाना चाहिए। इससे ग्रह दोष कम हो सकता है।

वास्तु के अनुसार सूखा या आधा जला हुआ पेड़ अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मकता हावी होती है, जिससे घर में कलह-क्लेश और आपसी विवाद होते रहते हैं।

इसके साथ ही घर में रेशम, ताड़ और कपास का पेड़ लगाने से भी घर के सदस्यों के बीच तनाव की स्थिति पैदा होने लगती है जिस कारण घर में अशांति बनी रहती है।

वास्तु शास्त्र की दृष्टि से घर के सामने लगा इमली या मेहंदी का पेड़ भी अशुभ माना गया है इससे घर में बुरी शक्तियां हावी होने लगती हैं।

वास्तु के अनुसार घर के ईशान और पूर्व दिशा में अधिक ऊंचे पेड़ नहीं होने चाहिए और न ही घर के आंगन में ऐसे पेड़ लगाएं। क्योंकि इस दिशा से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है, लंबे पेड़ों की वजह से पाॅज़िटिव एनर्जी अंदर नहीं आ पाती।

घर में कांटेदार व दूध वाले पौधे नहीं लगाना चाहिए क्योंकि एेसे पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं।

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