घर आई एनआरआई दुल्हन, तो जेठ ने की छेड़छाड़

- in अपराध

मोगा। विदेश में रहने वाली युवती से परिवार ने अपने बेटे की शादी इसलिए कर दी कि उन्हें उम्मीद थी कि वह उसे विदेश ले जाएगी, लेकिन बेटे का वीजा नहीं लग पाया। महिला अकेले ही विदेश में रहने लगी। इसके कारण ससुराल परिवार उससे नाराज रहने लगा। इस बीच एनआरआइ दुल्हन भारत आई तो एक दिन जेठ ने उससे छेड़छाड़ कर दी। एनआरआइ महिला ने मामले की शिकायत पुलिस में दे दी है। घर आई एनआरआई दुल्हन, तो जेठ ने की छेड़छाड़

एनआरआइ परमजीत कौर ने बताया कि बरनाला के जंगीआ निवासी अमृतपाल सिंह पुत्र जगरूप सिंह से उसका विवाह 16 मार्च 2004 को हुआ था। अमृतपाल सिंह के परिवार ने उसके साथ शादी इसलिए की थी ताकि वह अपने पति को स्पाउज वीजा पर न्यूजीलैंड लेकर जा सके। शादी के बाद शिकायतकर्ता न्यूजीलैंड चली गई, लेकिन उसके पति की वीजा फाइल को न्यूजीलैंड दूतावास ने रद कर दिया।

वर्ष 2007 में शिकायतकर्ता भारत वापस आई और उसके ससुराल परिवार ने उस पर आरोप लगाया कि वह अपने पति को जानबूझकर विदेश अपने साथ नहीं लेकर जाना चाहती। इसके बाद वह कुछ दिन भारत में रुकने के बाद न्यूजीलैंड लौट गई। विदेश में रहते हुए शिकायतकर्ता अपने ससुराल परिवार को हरेक माह 50 से 60 हजार रुपये भेजती रही, जिसका उसके पास पूरा रिकार्ड है। वह अब तक उन्हें 90 लाख रुपये दे चुकी है।

शिकायतकर्ता के ससुराल परिवार की ओर से दवाब बनाने के बाद वह कुछ माह पहले भारत लौट आई। चार से पांच दिन अपने ससुराल परिवार में रहने के बाद जैसे ही वह अपने जेठ परमजीत सिंह के साथ अपने मायके घर गई तो उसके मायके घर में कोई नहीं था। इसी बात का फायदा उठाते हुए परमजीत सिंह ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया। किसी तरह से वह अपना बचाव करने में सफल रही, लेकिन 27 जनवरी 2018 को एक बार फिर से शिकायतकर्ता के जेठ ने उसके साथ छेड़छाड़ की।

महिला के मुताबिक इस बार उसने पूरी बात अपने भाई को बता दी। शिकायतकर्ता का भाई उसे अपने साथ उसके मायके ले गया। इसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस के पास कर दी। पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद शिकायतकर्ता के पति अमृतपाल सिंह, जेठ परमजीत सिंह, जेठानी मनदीप कौर और ससुर जगरूप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और छेड़छाड़ करने की धाराओं अधीन मामला दर्ज कर लिया है।

 
 

You may also like

छोटी सी बात पर प्रेमिका ने प्रेमी को मारा चाकू, वीडियो बनाते रहे लोग

आए दिन होने वाली अपराध की घणाए कम