ग्‍वालियर के अस्‍पताल में लगी आग, बच्चों व प्रसूताओं को लेकर भागे परिजन

ग्वाfire_in_krh2_2015927_214740_27_09_2015लियर। कमलाराजा चिकित्सलाय (केआरएच) के पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड के एक कमरे में रविवार को सुबह 7ः30 बजे अचानक आग लग गई। आग के कारण वार्ड व ऊपरी मंजिल में जब धुआं भरना शुरू हुआ तो मरीजों व परिजनों में भगदड़ मच गई। लोग नवजातों व प्रसूताओं को लेकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने वार्ड के उस बंद कमरे का ताला तोड़कर खोला, जिसमें आग लगी थी। लोगों ने वार्ड के अग्निशमन यंत्रों का उपयोग कर आग बुझाई। लापरवाही का आलम यह रहा कि घटना के दो घंटे बाद तक अस्पताल प्रबंधन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह 7ः30 बजे केआरएच की पहली मंजिल पर स्थित पोस्ट ऑपरेटिव वार्डों के बीच बने डॉक्टर रूम से अचानक धुआं निकलने लगा। धुआं तेजी के साथ ही फैलकर वार्डों व खासकर दूसरी मंजिल पर बने वार्ड नंबर 3 में भरने लगा। धुएं के कारण लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग आग की डर से इधर-उधर भागने लगे। परिजनों ने प्रसूताओं व नवजातों को लेकर एक साथ बाहर निकलना शुरू कर दिया। इस भगदड़ में कुछ लोग गिरकर चोटिल भी हुए। सबसे ज्यादा अफरातफरी ऊपरी मंजिल पर बने वार्ड नंबर-3 में मची।

ताला तोड़कर अंदर घुसे

यहां भर्ती मरीज के परिजन देवेन्द्र सिंह निवासी चंदन नगर ने इस कमरे का ताला तोड़ा। ताला तोड़ने के बाद देवेन्द्र व कमल कुशवाह निवासी कोटेश्वर ने वार्ड में लटके अग्निशमन यंत्रों के सहारे आग बुझाना शुरू किया।

नर्सों ने कहा, मशीन निकालो

पोस्टऑपरेटिव वार्ड के जिस कमरे में आग लगी, उस कमरे में अल्ट्रा सोनोग्राफी मशीन रखीं थी। यहां तैनात लोगों ने परिजनों से कहा कि वे सबसे पहले मशीनें बाहर निकालें। लोगों ने इन मशीनों को बाहर निकालकर नर्स रूम में रखा।

जलते हुए गद्दे नीचे फेंके

आग को नियंत्रित करने के लिए परिजनों ने जलते हुए गद्दे को किसी तरह बाहर गलियारे तक निकाला। यहां से भीतरी गार्डन में इन्हें फेंका, ताकि धुआं फैलना बंद हो। जूट व फोम के बने इन गद्दों के कारण वार्डों में दमघोटू धुआं भर रहा था।

परिजन बोले, झूठ बोल रहे हैं ये

नईदुनिया के तुरंत मौके पर पहुंचने पर यहां तैनात गार्डों के सुपरवाइजर राजेन्द्र नगेले व अन्य गार्ड भी पहुंच गए। सुपरवाइजर ने जब कहा कि हम लोगों ने आग बुझाई तो मौके पर जमा परिजनों की भीड़ ने तुरंत गार्डों व सुपरवाइजर की बात काटते हुए कहा कि आग जब तक बुझी नहीं, तब तक यहां कोई नहीं आया था।

गेट पर था ताला, नहीं आ सकी फायर ब्रिगेड

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक बड़ा मसला फिर से सामने उभर कर आया। दरअसल आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड भी आई। फायर ब्रिगेड का वाहन कम्पू पार्क स्थित गेट पर आया। यहां गेट पर ताला था। दमकल दस्ते ने यहां चौकीदारों से गेट खोलने को भी कहा, लेकिन उन्हें बता दिया गया कि गेट की चाबी नहीं है। बाद में वाहन जब गाड़ी माधव डिस्पेंसरी होते हुए आई तब तक आग बुझ गई थी। इस गेट पर लंबे समय से ताला लगा है।

परिजनों से बातचीत

मैं ऊपरी मंजिल पर वार्ड नंबर तीन में था। आग के कारण धुआं बढ़ा तो अपने परिवार की जच्चा-बच्चा लेकर नीचे आ गया। एक महिला अकेली थी, वह बच्चे को लेकर चल नहीं पाई तो गिर गई। बाद में लोगों ने उसकी मदद की।

-पातीराम गुर्जर, निवासी उर्वा

मैं अपने परिवार की जच्चा व बच्चा को लेकर सीधे भागा। वार्ड में धुएं के कारण दम घुट रहा था।

ऊदल सिंह, निवासी अशोक नगर

इनका कहना है

आग की सूचना मिली थी। वहां तैनात गार्डों को आग बुझानी चाहिए थी। इस मामले में जांच के बाद ही कुछ कहूंगा।

 

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