भाजपा कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रही यूपी में जीत की ‌ट्रिक

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गुजरात में भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी जा रही यूपी चुनाव की जीत की ट्रिक रास नहीं आ रही है। करीब 22 वर्षों से राज्य में भाजपा कार्यकर्ता अपने तरीकों से सूबे में पार्टी को जीत दिलवाते रहे हैं। मगर इस बार के चुनाव में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की उपस्थिति से प्रदेश भाजपा के कार्यकर्ता असहज महसूस कर रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं को रास नहीं आ रही यूपी में जीत की ‌ट्रिकउनकी असहजता का कारण यह है कि राष्ट्रीय स्तर के कुछ पदाधिकारी यूपी चुनाव में आजमाए जीत के ट्रिक्स आजमाने पर जोर दे रहे हैं।हालांकि ये बात अलग है कि यूपी में भाजपा को सत्ता से बनवास दिलाने में गुजरात से ताल्लुक रखने वाले पीएम मोदी का करिश्मा और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति ही काम आई है।

मगर राष्ट्रीय स्तर के कुछ नेता हैं जो अपनी अहमियत दिखाने के लिए गुजरात पहुंचकर वहां के नेताओं को यूपी के जीत का फार्मूला और ट्रिक अपनाने की बात कर रहे हैं। अहमदाबाद में भाजपा के चुनाव की कमान संभाल रहे एक नेता के अनुसार यदि अगले एक-दो दिनों में राष्ट्रीय पदाधिकारी स्तर के नेताओं ने अपनी शैली नहीं संभाली तो सूबे के कार्यकर्ता उनकी शिकायत सीधे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से करने की सोच रहे हैं। 

प्रोफेशनल माने जाते हैं कार्यकर्ता 
गुजरात में भाजपा के कार्यकर्ताओं की टीम पूरी तरह से प्रोफेशनल है। हर बार चुनाव के प्रचार के मामले में गुजरात नए तरीकों का ईजाद करता रहा है। इसलिए यहां के कार्यकर्ता अपने अंदाज में काम करने के आदी हैं। गुजरात में चुनाव की कमान संभालने वाले कार्यकर्ताओं की संख्या अच्छी खासी है जो केवल चुनाव शुरू होने से दो माह पहले सक्रिय होकर अपना कार्य मुस्तैदी से करते हैं। उसके बाद वे अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं को भी केंद्र से गए कुछ नेता यूपी चुनाव के जीत का ज्ञान दे रहे हैं।

भाजपा ने उतार रखी है नेताओं की फौज

दरअसल भाजपा ने गुजरात के रण को जीतने के लिए अन्य प्रदेश के संगठन नेताओं की फौज सूबे के अलग-अलग हिस्सों में उतार रखी है। उत्तरांचल के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक बीते दो माह से भावनगर में कैंप किए हुए हैं। तो सतीश उपाध्याय गुजरात के प्रदेश भाजपा मुख्यालय में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन भी प्रदेश चुनाव का जिम्मा संभाल रहे नेताओं को चुनावी मंत्र देते नजर आ रहे हैं। कुछ ऐसे भी नेता हैं कि भाजपा आलाकमान को चेहरा दिखाने की खातिर अहमदाबाद पहुंचे हुए हैं। इससे भी यहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से भारी संख्या में नेता गुजरात पहुंचे हुए हैं। 

इस बार कार्यकर्ताओं की है अहमियत 
भाजपा के लिए इस बार के गुजरात विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद अहम है। शायद यही वजह है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह निचले स्तर पर कार्यकर्ताओं को पूरी तरह से चार्ज करने में जुटे हुए हैं। पीएम मोदी की रैलियों, पन्ना प्रमुखों की बैठक के बाद शाह इन दिनों अलग से शक्ति केंद्र प्रभारियों की बैठक कर रहे हैं। जोकि 4 से 5 पोलिंग बूथों के उपर बनाए गए हैं।

शाह ने केंद्र सरकार के शीर्ष मंत्रियों को भी डोर टू डोर प्रचार अभियान में उतार दिया

इसके अलावा शाह ने केंद्र सरकार के शीर्ष मंत्रियों को भी डोर टू डोर प्रचार अभियान के जरिए बूथ स्तर पर नीचे उतार दिया है। ताकि कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे है। भाजपा रणनीतिकारों का कहना है कि उसके कार्यकर्ता अगर मन से जुट गए तो हवा की दिशा को भी बदलने में सक्षम हैं।

भाजपा संगठन के एक नेता के अनुसार पार्टी के खिलाफ माहौल को जमीनी स्तर पर दल के पक्ष में करने में कार्यकर्ता ही अहम रोल अदा करता है। यही वह मामला है जहां भाजपा अपने विरोधी दल कांग्रेस पर भारी है। लंबे समय से राज्य की सत्ता से बाहर रहने के वजह से कांग्रेस पार्टी का निचले स्तर पर पूरे राज्य में अपना संगठन नहीं है। जबकि भाजपा के पास अपने कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर पर फौज होने के साथ ही संघ के कार्यकर्ताओं का विशाल कॉडर है। इसीलिए अलग-अलग तरीकों से कार्यकर्ताओं की सक्रियता सुनिश्चित करने का कार्य भाजपा बखूबी कर रही है। 

जैन ने सूरत में कार्यकर्ताओं को सिखाए चुनाव के कानूनी दांव पेंच
सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय महासचिव अनिल जैन ने शुक्रवार को सूरत पहुंचकर वहां के स्थानीय कार्यकर्ताओं को चुनाव के कानूनी गुर सिखाए। सूरत शहर के चुनाव अधिकारियों को जैन ने न सिर्फ चुनाव के पूरे नियम कायदे बताए बल्कि विरोधी के दांव को चित्त करने के तरीके भी बताए। दरअसल भाजपा ने विधानसभा स्तर पर चुनाव अधिकारी नियुक्त कर रखे हैं। जोकि पार्टी प्रत्याशी के नामांकन से लेकर पूरे चुनाव में तकनीकी मदद मुहैया कराते हैं।

 
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