खफा भज्जी ने धौनी, अश्विन और रोहित शर्मा को लेकर दिया ये बड़ा बयान…

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हरभजन सिंह का कहना है कि टीम इंडिया के चयन के दौरान उन्हें उस तरह की तवज्जो नहीं मिलती जैसा कि महेंद्र सह धौनी के साथ होता है। अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का कहना है कि टीम इंडिया के चयन के दौरान उन्हें उस तरह की तवज्जो नहीं मिलती जैसा कि महेंद्र सह धौनी के साथ होता है। हरभजन आइसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम में धौनी के चुने जाने को लेकर बात कर रहे थे।

खफा भज्जी ने धौनी, अश्विन और रोहित शर्मा को लेकर दिया ये बड़ा बयान...

बीसीसीआइ की चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद ने कहा था कि धौनी का चयन केवल उनके फॉर्म को देखते हुए नहीं किया गया है बल्कि उनके अनुभव व रणनीतिक दिमाग को देखकर किया गया है। हरभजन ने इस बारे में सीधे शब्दों में कहा कि वह भी अनुभवी खिलाड़ी हैं और गेंदबाजी व बल्लेबाजी के अलावा वह भी टीम को काफी कुछ दे सकते हैं लेकिन उनके मामले में इस पर गौर नहीं किया गया।

हरभजन ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि धौनी चाहे फॉर्म में हो या नहीं वह अपनी बल्लेबाजी के अलावा टीम को बहुत कुछ दे सकते हैं। निश्चित तौर पर हम सभी यह देख चुके हैं कि वह पहले की तरह गेंदों को नहीं मार पा रहे हैं। लेकिन वह कप्तान रह चुके हैं और खेल को अच्छी तरह समझते हैं और उनके मैदान पर रहते युवाओं को अच्छा लाभ मिलेगा। लेकिन जब मेरी बारी आती है तो मुझे लगता है कि हमें उस तरह की तवज्जो नहीं दी जाती।

हम भी 19 सालों से खेल रहे हैं और भारत के लिए जीत-हार देख चुके हैं। मैंने भी दो विश्व कप जीते हैं। तो ऐसी तवज्जो केवल कुछ खिलाड़ियों के लिए हैं और दूसरों के लिए नहीं। मैं उनमें से हूं जिन्हें इस तरह की तवज्जो नहीं मिलती। मुझे नहीं पता कि यह कैसे होता है। हरभजन ने कहा- मेरा सवाल हैं क्यों और यह चयनकर्ताओं से पूछा जाना चाहिए।

मैं अपनी तारीफ खुद नहीं करना चाहता लेकिन जितना क्रिकेट उन लोगों ने खेला है मैं भी उतना ही खेल को समझता हूं और मैं भी उनकी तरह अपने अनुभव बांट सकता हूं। हम भी अपने देश के लिए उसी तरह खेलना चाहते हैं।

उन्होंने गौतम गंभीर के नहीं चुने जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गंभीर लगातार घरेलू सत्र में रन बना रहे हैं, लेकिन उन्हें भी मौका नहीं दिया जा रहा है। यदि मेरी बात करें तो मैं जानता था कि यदि अश्विन फिट नहीं हुए तो मेरे नाम पर विचार हो सकता है। लेकिन उन्हें आइपीएल के दौरान विश्राम दिया गया और वह खेले तक नहीं। मैंने इसमें अच्छा प्रदर्शन किया। यहां तो मेरे नाम पर विचार तक नहीं किया गया।

हरभजन आइपीएल-10 के फाइनल में भी नहीं खेल पाने से निराश हैं। उनका मानना है कि उन्हें अंतिम एकादश में होना चाहिए था। उन्होंने टीम प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर की है।

हरभजन ने कहा- मुंबई के कप्तान रोहित ने भी कहा था कि भज्जी का आइपीएल में इकॉनॉमी रेट (6.48) सबसे बेहतर है। ऐसे गेंदबाज को फाइनल से बाहर रखना समझ से परे है। स्वाभाविक है मैं इससे निराश हूं। मैं बेंच पर बैठकर मैच देख रहा था और इस फैसले पर कुछ भी नहीं कर सकता था।

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कोच महेला जयवर्धने का कहना था कि पुणे की टीम में ज्यादातर दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, इसलिए टीम में लेग स्पिनर रखना फायदेमंद होगा। वहीं यदि आप मेरे प्रदर्शन पर नजर डाले तो मैंने अपने करियर में ज्यादातर दाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट किया है।

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