खजुराहो को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय पहचान…

अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत के चलते अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित मध्यप्रदेश के खजुराहो से भले ही भारतीय जनता पार्टी की उमा भारती और कांग्रेस के सत्यव्रत चतुर्वेदी जैसे कद्दावर नेताओं ने संसद की राह बनाई हो, लेकिन विकास की दृष्टि से समूचा संसदीय क्षेत्र अब तक हाशिए पर है।
तीन जिलों पन्ना, छतरपुर और कटनी में फैले खजुराहो संसदीय क्षेत्र में 2014 के आम चुनाव में भाजपा के नागेंद्र सिंह सांसद चुने गए थे। उन्होंने बुंदेलखंड के कद्दावर कांग्रेस नेता राजा पटेरिया को शिकस्त दी थी। हाल में हुए विधानसभा चुनाव में नागेंद्र सिंह को पार्टी ने नागौद विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया, जहां से उन्होंने जीत हासिल की। उनके विधायक चुने जाने के बाद पार्टी को अब इस सीट पर किसी अन्य प्रत्याशी की तलाश है।
बुन्देलखण्ड क्षेत्र की यह संसदीय सीट बीते लगभग ढाई दशक से भाजपा का मजबूत गढ़ बनी हुई है। उमा भारती ने 1989 के चुनाव में कांग्रेस नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी की मां विद्यावती चतुर्वेदी को शिकस्त दी लेकिन इससे पहले 1984 के चुनाव में उन्हें विद्यावती के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सुश्री भारती ने यहां से 1991, 1996 और 1998 में भी जीत दर्ज की। वह चार बार यहां से संसद पहुंची। कांग्रेस ने 1999 में वापसी की जब सत्यव्रत चतुर्वेदी यहां से चुनाव जीत कर सांसद बने।

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