कोरोना वायरस का असर : यूपी में जेलों से रिहा होंगे इतने हजार कैदी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के कारागारों में बंद करीब 11 हजार बंदियों को 8 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर तत्काल रिहा किया जाएगा। इसमें 8500 विचाराधीन और 2500 सिद्धदोष बंदी शामिल हैं।
सूत्रों की मानें तो सात साल से कम सजा वाले अपराधों के लिए जेल में बंद इन कैदियों की रिहाई सोमवार से शुरू हो जाएगी।
इससे पहले महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने कोरोना वायरस के चलते जेल से कैदियों को रिहा करने का ऐलान किया था। योगी सरकार ने भीड़भाड़ कम करने के मकसद से यह कदम उठा रही है, ताकि जानलेवा कोरोना वायरस उत्तर प्रदेश की जेलों में न फैले।
योगी सरकार ने 11,000 कैदियों को रिहा करने का निर्णय उस समय किया है, जब उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 55 पहुंच गई है, जबकि नोएडा में सर्वाधिक 23 पॉजिटिव हैं।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के 55 प्रकरण सामने आए हैं। अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण से 13 जिले प्रभावित हैं। 55 मरीजों में से 14 मरीज ऐसे हैं, जो पूरी तरह स्वस्थ्य हो गए और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। 41 मरीज अभी भी भर्ती हैं, इनका इलाज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें से किसी भी मरीज की स्थिति गंभीर नहीं है, सबके सब स्टेबल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से सभी से अपील की है कि सभी लोग अपने घरों में रहे। जिससे कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि सभी लोग लाकडाउन का पालन करें।

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