कोरोना के कहर के बीच ये बीमारियां भी बनी आफत, इन देशों में तो..

पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से जूझ रही है. वहीं कुछ देशों को कोरोना के साथ-साथ और भी कई वायरस का सामना करना पड़ रहा है जो वहां स्थानीय स्तर पर फैल रही हैं. यह सब चीजें मिलकर उस देश के हेल्थ सिस्टम पर चौतरफा दबाव डाल रही हैं. आइए जानते हैं कि इस समय किन-किन देशों को कोरोना के साथ-साथ अन्य संक्रामक बीमारियों से भी लड़ना पड़ रहा है.

इंडोनेशिया- इंडोनेशिया में इस समय कोरोना के साथ डेंगू का भी कहर जारी है. इस साल इंडोनेशिया में सिर्फ डेंगू से करीब 40,000 लोग संक्रमित हो चुके हैं. डेंगू का ये मामला पिछले साल के मुकाबले 16 फीसदी ज्यादा है. यहां अस्पतालों में Covid-19 के मरीजों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है जिसकी वजह से डेंगू के कई गंभीर मरीजों को नजरअंदाज कर दिया जा रहा है.

लैटिन अमेरिका- अमेरिका के इस क्षेत्र में हालात और भी खराब हैं. यहां 2019 में डेंगू के अब तक के सबसे ज्यादा मामले आए थे, जो 2020 में और बढ़ते जा रहे हैं. अर्जेंटीना में कोरोना वायरस से ज्यादा डेंगू के मामले दर्ज किए जा रहे हैं. वहीं विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि डेंगू की मार झेल रहा ब्राजील भी अब कोरोना वायरस का अगला एपिसेंटर बनने की तरफ है.

सीडीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिंगापुर, फिलीपींस, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में भी डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं.

कांगो गणराज्य- मध्य अफ्रीका में स्थित कांगो गणराज्य में इबोला का प्रकोप शुरू हो गया है. यहां इबोला के मामले 2018 से आने शुरू हुए थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इस साल अप्रैल से यहां एक बार फिर इबोला के मामले तेजी से बढ़े हैं. रिपोर्ट के अनुसार अब तक यहां 3500 से भी ज्यादा इबोला के कंफर्म केस आ चुके हैं.

इथियोपिया- इथियोपिया कोरोना के साथ-साथ पीले बुखार से लड़ाई लड़ रहा है. जहां कोरोना से बचने के लिए घरों में रहने की सलाह दी जा रही है वहीं यहां पर लोग पीले बुखार की वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं. यहां पिछले महीने इस बुखार से चार लोगों की मौत हो चुकी है और कई नए मामले सामने आए हैं.

मेक्सिको और बुरुंडी दोनों ही खसरे के प्रकोप का सामना कर रहे हैं जबकि सऊदी अरब कोरोना के अलावा MERS (Middle East Respiratory Syndrome) से भी निपट रहा है.

वायरल का खतरा इंसानों पर ही नहीं बल्कि दुनिया भर के जानवरों पर भी मंडरा रहा है. भारत और दक्षिण अफ्रीका कोरोना के साथ-साथ अफ्रीकन स्वाइन बुखार के प्रकोप का भी सामना कर रहे हैं, जो  बहुत ज्यादा संक्रामक है. 2018 में यह वायरस एशिया से फैला था, जिससे कुछ देशों में सुअरों की 10 फीसदी आबादी कम हो गई थी.

अमेरिका के साउथ कैरोलीना में अधिकारियों ने एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू ) से कई सारे टर्की पक्षियों के संक्रमित होने की खबरों की पुष्टि की है. अगर यह बीमारी फैलती है तो यह पोल्ट्री फार्मिंग के लिए बहुत बुरी खबर होगी क्योंकि यह इंडस्ट्री  Covid-19 की वजह से यहां पहले ही नुकसान में है.

2014 और 2015 में अमेरिका के 15 राज्यों में 500 लाख से भी ज्यादा मुर्गे और टर्की पक्षियों को वायरस फैलने के डर से मार दिया गया था. वहीं ज्यादातर देशों ने संक्रमण से बचने के लिए अमेरिकन चिकन और टर्की पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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