कोरोनाः पिता की मौत, मां क्वरंटीन, बच्चे ने अकेले बिताए 10 दिन

मुंबई: कोरोना वायरस के कहर से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला राज्य महाराष्ट्र है क्योंकि यहां संक्रमितों का आंकड़ा सबसे ज्यादा है। कई लोगों ने अपनों को खोया है। कुछ ऐसी ही कहानी गोरेगांव ईस्ट के रहने वाले 11 साल के हर्षिल सिंह की है जिसके पिता की 13 अप्रैल को कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के चलते मौत हो गई। परिवार ये दुख झेल ही रहा था कि इसी बीच उसकी मां का रिजल्ट भी कोरोना पॉजिटिव आया, जिसके बाद उन्हें कांदिवली पूर्व के ESIS अस्पताल में क्वरंटीन होने पड़ा। जबकि हर्षिल का टेस्ट निगेटिव आया, जिससे उसे घर पर अकेला ही रहना पड़ा।
फोन पर मुंबई मिरर से बात करते हुए, हर्षिल ने कहा कि उसके पिता 10 अप्रैल को गले में खराश थी, और फिर धीरे-धीरे खांसी और छींकें आने लगी। एक दिन बाद वे उल्टियां कर रहे थे। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जयशंकर पंडाराम जो हर्शिल के ऊपर वाले अपार्टमेंट में रहते हैं, वे पड़ोसी को पता चला हर्शिल की पिता के साथ उसकी मम्मी भी कोरोना पॉजिटिव हैं, तो उन्होंने हर्षिल की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली।
पड़ोसी ने की मदद
पंडाराम का परिवार रोज हर्षिल को खाना देता था। पंडराम एक पूर्व नौसेना अधिकारी हैं, जो अभी एयरपोर्ट पर काम करते हैं ने बताया कि उनकी पत्नी हर्षिल के लिए रोज खाना बना देती थी और एक प्लेट दरवाजे के बाहर दे दिया करती थीं। हर्षिल ने उनका शुक्रिया अदा किया, उसने बताया कि ऐसे कई लोग थे जो वायरस से डरकर मदद की पेशकश करने से हिचकते थे। पंडाराम की पत्नी हर दो घंटे में हर्षिल को कॉल करके उसका हालचाल लेती रहती थीं।
विडियो कॉल पर बता करके भगाया डर
जब हर्षिल रात में अकेला था, तो वह बेंगलुरु और बिहार में अपने चचेरे भाइयों के साथ वीडियो-कॉल पर बात करता था क्याेंकि वह रात में अक्सर डर जाया करता लेकिन उसके चाचा, चाची और चचेरे भाइयों ने उसकी मदद की। हर्षिल ने बताया कि उसने हर दिन दो घंटे पढ़ाई की और टीवी पर कार्टून शो देखे। जिसके बाद 4 मई के आसपास हर्षिल की मां घर लौट आईं, लेकिन परिवार के अहम सदस्य के जाने बाद घर में सन्नाटा पसरा है।

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