कुछ घंटे बाद ‘सुपर ब्लड मून’, मोरमोन चर्च की सलाह- दुनिया के अंत की अटकलों से बचें

blood-moonह्यूस्टन (26 सितंबर) : अमेरिका में रविवार रात को उस समय आकाश में दुर्लभ खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा जब ‘सुपर मून’ के साथ साथ पूर्ण चंद्र ग्रहण पड़ेगा। इसे ‘सुपर ब्लड मून’ भी कहा जा रहा है।

प्राचीन किंवदंती के अनुसार ‘सुपर ब्लड मून’ को संभावित प्रलय का अशुभ संकेत माना जाता है। इससे पहले ‘सुपर मून’ के साथ पूर्ण चंद्र ग्रहण 33 वर्ष पूर्व पड़ा था और पिछले 115 वर्षों में ऐसा मात्र पांच बार हुआ है। ‘सुपर ब्लड मून’ केवल तभी देखने को मिलता है जब चंद्र ग्रहण हो और जब चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी के निकटतम बिंदु पर हो।

चंद्रमा जैसे ही पृथ्वी के ठीक पीछे इसकी छाया में आ जाता है तो उसका रंग गहरा लाल हो जाता है क्योंकि उस तक केवल पृथ्वी के वायुमंडल से अपवर्तित होकर ही सूर्य की रोशनी पहुंच पाती है।

अमेरिका में रविवार रात को उस समय आकाश में दुर्लभ खगोलीय नजारा देखने को मिलेगा जब ‘सुपरमून’ के साथ पूर्ण चंद्रग्रहण पडे़गा।

‘सुपरमून’ का मतलब है कि इस दिन चंद्रमा अपने सामान्य आकार से थोड़ा बड़ा दिखाई देता है क्योंकि यह पथ्वी से अपेक्षाकृत ज्यादा नजदीक होता है।

नासा ने बताया पूर्ण चंद्रग्रहण को उत्तर एवं दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और पश्चिम एशिया एवं पूर्वी प्रशांत के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। पूर्ण चंद्रग्रहण रविवार रात को 10 बजकर 11 मिनट पर शुरू होगा और एक घंटा 12 मिनट तक रहेगा।

नासा ने कहा कि यह सामान्य से 14 प्रतिशत बड़ा दिखाई देता है। इस प्रकार की घटनाएं 1900 के बाद से केवल पांच बार (1910, 1928, 1946, 1964 और 1982 में) हुई हैं।

 

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