कुंवारी कन्याएं शिवरात्रि के दिन करें इन आसान मंत्रो का उच्चारण…और फिर देखे भगवान् शिव का चमत्कार

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इसमें कोई शक नहीं कि शिव भक्तो के लिए शिवरात्रि का त्यौहार बेहद खास होता है. अब यूँ तो ये त्यौहार हर महीने की कृष्ण पक्षं की चतुर्दशी को मनाया जाता है. मगर फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है. जी हां ये त्यौहार हिन्दू धर्म के लोगो के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. इसलिए इस त्यौहार को किसी भी अन्य त्यौहार, व्रत या विधान से बढ़ कर माना जाता है. गौरतलब है कि धर्म ग्रंथो में इस पर्व को ही सबसे उत्तम और बड़ा माना गया है. शायद यही वजह है कि इस दिन किया गया व्रत और धार्मिक कार्य जरूर सफल होते है. इसके इलावा यदि किसी भक्त के मन में कोई अधूरी इच्छा हो तो वो उसे पूरी करने के लिए महाशिवरात्रि के दिन सच्चे मन से भोलेनाथ के सामने आराधना कर सकता है.

जी हां ऐसा माना जाता है कि इससे आपकी इच्छा जरूर पूरी होती है. बरहलाल इस बार महाशिवरात्रि का पर्व तेरह और चौदह दोनों तारीखों को मनाया जाएगा. ऐसे में इस दिन भगवान् शिव की किस तरह पूजा करनी चाहिए और कौन से मंत्रो का उच्चारण करना चाहिए, ये आज हम आपको जरूर बताएंगे. गौरतलब है कि महाशिवरात्रि का पर्व सबसे पहले उन कन्याओ के लिए खास माना जाता है, जो अभी तक कुंवारी है. अब जाहिर सी बात है कि महाशिवरात्रि शिव जी और माँ पार्वती के विवाह का दिन होता है. ऐसे में विवाह से जुडी सभी इच्छाओ की पूर्ति के लिए इस दिन को काफी शुभ माना जाता है.

बरहलाल यदि किसी वजह से किसी कन्या का विवाह नहीं हो पा रहा तो उसे महाशिवरात्रि का व्रत जरूर रखना चाहिए. जी हां इस दिन उस कन्या को फल, पुष्प, चंदन, बिल्व पत्र, धतूरा, धूप, दीप और नैवेध से चार प्रहर की पूजा करनी चाहिए. इसके इलावा कन्या को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर आदि से अलग अलग तथा सब को मिला कर पंचामृत बनाना चाहिए और इससे शिव जी को स्नान करवाना चाहिए और फिर जल से उनका अभिषेक करना चाहिए. इसके साथ ही चार प्रहर के पूजन में शिव पंचाक्षर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए.

इसके बाद भव, शर्व, रूद्र, पशुपति, उग्ग्र, महान, भीम और ईशान इन आठ नामो से भगवान् शिव को पुष्प अर्पित करने चाहिए. इसके बाद उनकी आरती उतार कर परिक्रमा करनी चाहिए. गौरतलब है कि शिवरात्रि के दिन इस मंत्र का उचित रूप से सही जाप करे. ये मंत्र कुछ इस प्रकार है. “ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमव ह्रीं ऐं ॐ “. गौरतलब है कि शिवरात्रि के दिन इस मंत्र का पाठ करने से भगवान् शिव जी से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है.

इसके इलावा यदि घर की महिलाएं घर की सुख शांति और समृद्धि के लिए और भोले शंकर से वरदान पाने के लिए भगवान् शिव की पूजा करके दूध की धारा से भगवान् शिव का अभिषेक करते हुए इस मंत्र का उच्चारण करती है तो उनकी इच्छा पूरी हो सकती है. ये मंत्र है. ॐ ह्रीं नमः शिवाय ह्रीं ॐ. इसके साथ ही अगर किसी कन्या की शादी में देर हो रही हो तो उसे शिव मंत्र के साथ साथ माता पार्वती की भी इस मंत्र से उपासना करनी चाहिए. ये मंत्र है. हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया.

बरहलाल आपको केवल इन मंत्रो का उच्चारण करना है. यक़ीनन इससे भोलेनाथ आपसे जरूर खुश हो जायेंगे. बरहलाल हम उम्मीद करते है कि भोलेनाथ की कृपा आप पर बनी रहे.

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