कुंडली के योग बताते हैं घर में गूंजेगी किसकी किलकारियां, होगा पुत्र या पुत्री…

आज के समय में हर किसी की कुड़ली में ग्रहों का प्रभाव देखने को मिलता है जिनके कारण ही इंसान के जीवन में कुछ न कुछ घटित होता रहता है और इन सब को ठीक करने के लिए ही हम कोई न कोई उपाय या किसी ज्योतिष का सहारा लेते हैं। एेसे ही हमारे हिंदू धर्म में संतान की प्रप्ति को लेकर अलग-अलग धारणाएं बनी हुई है। कुंडली के ग्रहों की स्थिति संतान सुख को निर्धारित करती है। कुंडली के योग बताते हैं घर में गूंजेगी किसकी किलकारियां, होगा पुत्र या पुत्री...

हमारे हिंदू धर्म में विवाह से पहले लड़का-लड़की की कुंडली मिलाना जरुरी माना जाता है ताकि आने वाले समय में भावी दम्‍पत्ति का जीवन खुशहाल बना रहें, उनको संतान सुख की प्रप्ति हो। पंचम स्थान पर विभिन्न ग्रह संतान सुख अलग-अलग रूप से ही देते हैं। इसी भाग से हमें ये भी पता चलता है कि व्यक्ति के जीवन में पुत्र या पुत्री अथवा उनकी संख्या कितनी होगी। आज हम इन्हीं ग्रहों के बारे में बात करेंगे- 

मनुष्य की कुंडली में अगर गुरु के अष्टक वर्ग में गुरु के पांचवें भाव पर पुरुष गृह बिंदु देता है तो, पुत्र और स्त्री गृह बिंदु देता है तो पुत्री की प्राप्ति होती है। लेकिन अगर कुंडली में पुरुष और स्त्री गृह दोनों ही योग कारक होते हैं तो पुत्र व पुत्री दोनों का सुख प्राप्त होता है।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शुक्र और चन्द्र को स्त्री गृह कहा जाता है और सूर्य तथा मंगल को पुरुष गृह माना गया है। बुध व शनि ग्रह को नपुंसक गृह मानते हैं।

कुंडली में अगर योग कारक स्त्री हो तो पुत्री और अगर कारक पुरुष हो तो पुत्र पैदा होता है।

Loading...

Check Also

छठ पूजा से होते हैं कई चमत्कारी लाभ, जानकर रह जाएंगे दंग

छठ पूजा से होते हैं कई चमत्कारी लाभ, जानकर रह जाएंगे दंग

आप सभी को बता दें कि छठ पूजा का त्यौहार दीपावली के बाद शुक्ल पक्ष …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com