अजब शादी स्ट्रैचर पर पहुंची दुल्हन, ऐम्बुलेंस में हुई शादी

कर्नाटक: स्ट्रैचर पर पहुंची दुल्हन, ऐम्बुलेंस में हुई शादी
कर्नाटक: स्ट्रैचर पर पहुंची दुल्हन, ऐम्बुलेंस में हुई शादी

एजेंसी/ बहुत सी और लड़कियों की तरह कर्नाटक की रहने वाली नेत्रावती ने भी अपनी शादी के सपने देखें होंगे। फूलों से सजा मंडप, पंडित विवाह मंत्र पढ़ रहे हों और अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाएं। हालांकि, उनका शादी का सपना पूरा जरूर हुआ, लेकिन बहुत अजीब परिस्थितियों में उनकी शादी हुई। फाइनल इयर नर्सिंग डिप्लोमा की शादी स्ट्रेचर पर लेटे हुए ऐम्बुलेंस में अस्पताल के कपड़ों में हुई।

ऐम्बुलेंस में हुई शादी

दोनों की यह अलग तरह की शादी कराने का काम पंडित श्री मुरुगाराजेंद्र स्वामी ने कराई। पंडित खुद ऐम्बुलेंस के अंदर गए और विवाह की सभी परंपराओं का निर्वाह किया। बेंगलुरु से 200 किमी. दूर चित्रदुर्ग में इस दिन 23 और जोड़े भी शादी के बंधन में बंधे।

इस हालत में भी नेत्रावती को अपने सपनों का साथी मिल गया। उनके मंगेतर गुरुस्वामी ने बहुत प्यार से दर्द झेल रही नेत्रावती के गले में मंगलसूत्र डाला। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वालीं नेत्रावती और गुरुस्वामी चित्रदुर्ग में मिले थे और दोनों को प्यार हो गया। पांच जून को अमावस्या के दिन दोनों ने सामूहिक विवाह में शादी करने का फैसला किया था।

23 मई को नेत्रावती फिसल जाने के कारण बुरी तरह से जख्मी हो गईं थी। चित्रदुर्ग किले में वह गुरुस्वामी के साथ पिकनिक पर गईं थी, जब यह हादसा हो गया। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने नेत्रा की हालत देखते हुए बेंगुलुरु के निमहांस अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। एक हफ्ते के ट्रीटमेंट के बाद बहादुर लड़की नेत्रा ने पांच जून को अपनी शादी के लिए लौटने का फैसला किया। डॉक्टरों ने उन्हें बेडरेस्ट की सलाह दी और ऐम्बुलेंस से वह अपनी शादी के लिए पहुंची।

मुरुगाराजेंद्र स्वामी इस लिहाज से बहुत प्रगतिशील हैं क्योंकि उन्होंने पुरातन रिवाजों और जाति व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘किसी को भी दो प्यार करने वालों को नहीं रोकना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘किसी को भी प्यार करने वालों को अलग करने और उनकी शादी तोड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना बहुत दुखद है। घर के बड़े बुजुर्गों को जोड़े को आशीर्वाद देना चाहिए और उनकी खुशी की कामना करनी चाहिए।’

नेत्रावती और गुरुस्वामी इस लिहाज से भाग्यशाली हैं कि दोनों एक ही जाति के हैं। जब दुर्घटना में नेत्रावत्री बुरी तरह से घायल हो गईं तो गुरुस्वामी के परिवार की तरफ से कुछ आवाज उठने लगी। गुरुस्वामी के बड़े भाई ने दबे लहजे में पूछा भी कि आखिर वह मृतप्राय लड़की से शादी क्यों करना चाहते हैं?

डॉक्टर का कहना है, अगले कुछ महीनों में इलाज और फिजियोथेरेपी से नेत्रा ठीक हो जाएंगी, लेकिन उन्हें भविष्य में एक बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ सकता है। हालांकि, उनके गले में मंगलसूत्र और दर्द के बाद भी चेहरे पर चमक देखकर साफ नजर आ रहा है कि उनके पति इस मुश्किल वक्त में उनका साथ निभाएंगे।

 सांकेतिक चित्र
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