कर्ज में डूबी जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल ने छोड़ा पद, बैंकों से तत्काल मिलेगी इतने करोड़ की आर्थिक मदद

कर्ज में डूबी हुई एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज संकट में अब नया मोड़ आ गया है. कंपनी के चेयरमैन नरेश गोयल ने अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. वहीं नरेश गोयल की पत्‍नी अनिता गोयल ने भी बोर्ड से दूरी बना ली है. वहीं जेट एयरवेज को बैंकों से तत्काल 1,500 करोड़ रुपये तक का आर्थिक मदद मिलेगी.जेट एयरवेज के निदेशक मंडल में बैंक दो सदस्यों को नामित करेंगे और एयरलाइन के दैनिक परिचालन के लिये अंतरिम प्रबंधन समिति बनाई जाएगी.

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जेट एयरवेज का नियंत्रण अभी तक नरेश गोयल के पास था जिनके पास 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है. अबुधाबी स्थित एतिहाद एयरवेज के पास 24 प्रतिशत हिस्सेदारी है. बता दें कि पैसों की कमी की वजह से बीते कुछ दिनों में जेट एयरवेज ने अपनी 40 से ज्‍यादा विमानों को खड़ा कर दिया. जेट एयरवेज पर कर्ज की बात करें तो 8,200 करोड़ रुपये का है और उसे मार्च अंत तक 1,700 करोड़ रुपये भुगतान करने हैं.

इस्‍तीफा देने की क्‍या है वजह

दरअसल, बीते दिनों मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि खाड़ी की एयरलाइन कंपनी एतिहाद एयरवेज नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज को उबारने के लिए 1,600 से 1,900 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है. इस निवेश के साथ ही यह शर्त थी कि नरेश गोयल को एयरलाइन कंपनी जेट एयरवेज के चेयरमैन पद से इस्तीफा देना होगा. इसके अलावा जिन बैंकों का कर्ज जेट एयरवेज पर है, उनका भी नरेश गोयल के इस्‍तीफे का दबाव बढ़ रहा था.

जेट एयरवेज के शेयर में 17 फीसदी की तेजी

नरेश गोयल के इस्‍तीफे की खबर के बीच कारोबार के दौरान जेट एयरवेज के शेयर में 17 फीसदी तक का इजाफा हुआ. कारोबार के दौरान जेट एयरवेज का शेयर प्राइस 266 रुपये तक पहुंच गया जबकि बाजार बंद होने पर कंपनी का शेयर 254.50 रुपये के भाव पर रहा. जेट एयरवेज के शेयर में इतनी बड़ी बढ़ोतरी करीब दो महीने पहले देखने को मिली थी. जेट एयरवेज के शेयर का 52 हफ्ते का उच्‍चतम 650.50 रुपये है जबकि न्‍यूनतम स्‍तर 163 रुपये है. वर्तमान में कंपनी की मार्केट कैप 2,891.05 करोड़ है.

एसबीआई ने मदद के दिए थे संकेत

बीते हफ्ते देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) ने जेट एयरवेज को कर्ज के जंजाल से निकालने के संकेत दिए थे. इसी के तहत एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने विमानन सचिव प्रदीप सिंह खरोला और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्र के साथ बीते बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की.एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने जोर देकर कहा था कि जेट एयरवेज को परिचालन में बनाए रखना कर्जदाताओं तथा उपभोक्ताओं के हित में है. जेट एयरवेज को बैंकरप्‍सी कानून (आईबीसी) के अंतर्गत ले जाना अंतिम विकल्प है.

जेट एयरवेज के पायलटों को मिली नौकरीबता दें कि जेट एयरवेज के इस संकट की वजह से 16 हजार से ज्‍यादा पायलटों के वेतन और नौकरी को लेकर मुसीबत बढ़ गई है. हालांकि इंडिगो ने सैलरी संकट से जूझ रहे जेट एयरवेज के 100 पायलट को नौकरी दी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इंडिगो ने  100 से अधिक बोइंग 737 कमांडर स्‍तर के पायलटों को हायर किया है. जेट एयरेवज के पायलटों ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उनका वेतन 31 मार्च तक नहीं दिया गया, वे उड़ानों का परिचालन बंद कर देंगे.

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