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बहुत पहले रोम से ज्यादा ऐश्वर्यशाली था ये नगर, अब की जा रही यहां ध्वस्त राजमहल की खोज

भोपाल.हम्पी। विश्व विरासत स्थल में शामिल हैं यहां के खंडहर। 500 साल पहले इस नगर में 5 लाख लोग रहते थे। उस समय ये दुनिया के प्रख्यात रोम से भी ज्यादा भव्य शहर था। 300 सालों तक इस शहर में आक्रमण करने की किसी की हिम्मत नहीं हुई। अब उसी वीरान इलाके की जमीन में दबे उस राजमहल की खोज हो रही है जो कभी दुनिया का शक्ति केंद्र हुआ करता था।
बहुत पहले रोम से ज्यादा ऐश्वर्यशाली था ये नगर, अब की जा रही यहां ध्वस्त राजमहल की खोज
ऐसा रहा है हंपी का इतिहास…
-हंपी एक प्राचीन शहर है जिसका रामायण काल में किष्किंधा के नाम से वर्णन है।
-14वीं सदी में हंपी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी बना जो दक्षिण भारत का सबसे शक्तिशाली साम्राज्य था।
-सन् 1509 से 1529 के बीच यहां कृष्णदेव राय ने शासन किया जिसके दरबार में तेनाली राम थे।
-अकबर-बीरबल की तरह कृष्णदेव राय-तेनाली राम की जोड़ी भी अपनी हाजिर जबावी के लिए फेमस थी।
-विजयनगर साम्राज्य के वैभवशाली समय में इटली, ईरान, पुर्तगाल से जो यात्री आए उन्होंने इसे दुनिया का सबसे ऐश्वर्यशाली नगर बताया था।
-हंपी के विरुपाक्ष मंदिर के सामने खुले में डायमंड मार्केट लगता था जहां दुनिया के लोग हीरे खरीदने आते थे।
राजमहल आज भी जमीन के अंदर कहीं दफन
-सन् 1565 में ताली कोटा के युद्ध ने इस वैभवशाली नगर का विध्वंस हो गया।
-एक तरफ विजयनगर साम्राज्य था तो दूसरी तरफ 4 मुस्लिम राज्यों का संघ जिसमें गोलकुंडा, अहमदनगर, बीजापुर, बीदर शामिल थे। गोलकुंडा और बरार में दुश्मनी होने के कारण बरार इस संघ में शामिल नहीं हुआ था।
-राक्षसी तांगड़ी जगह पर हुए इस युद्ध में विजयनगर साम्राज्य का सर्वनाश हो गया। इस शहर को आग लगा दी गई।
-6 महीने तक ये शहर लूटा गया। यहां के भव्य राजमहल का नामोनिशान मिटा दिया गया।
-उसी राजमहल की खोज के लिए अब आर्कियोलॉजिस्ट यहां आते हैं और खुदाई करते हैं।
-ऐसा माना जाता है कि भव्य राजमहल के अवशेष आज भी जमीन के अंदर कहीं दफन है।
 
भारत के सभी अन्य राजाओं से अधिक शक्तिशाली
-इटली के यात्री निकोली कोंटी ने लगभग 1420 ईसवी में यहां भ्रमण किया था।
-वह लिखता है कि नगर की परिधि 60 मील है। इसकी दीवारें पहाड़ों तक चली गयी हैं।
-अनुमान किया जाता है कि इस नगर में अस्त्र धारण करने के योग्य 90 हजार आदमी हैं।
-यहां का राजा भारत के सभी अन्य राजाओं से अधिक शक्तिशाली है।
 
गड्ढों में भरा था पिघला हुआ सोना
-अबदुर्रज्जाक, जो फारस से भारत आया था तथा 1442-1443 ईसवी में विजयनगर गया था।
-वह लिखता है कि उस देश में इतनी अधिक जनसंख्या है कि कम स्थान में उसका अन्दाज देना असम्भव है।
-राजा के खजाने में गड्ढे-सहित कई कमरे बने हैं, जो पिघले हुए सोने से थोक में भरे हैं।
-देश के सभी निवासी ऊंचअथवा नीच, यहां तक कि बाजार के शिल्पकार तक कानों, गलों, बाहों, कलाइयों तथा अंगुलियों में जवाहरात एवं सोने के आभूषण पहनते हैं।
 
संसार में सबसे सम्पन्न नगर
-डोमिंगौस पीजू (पेज या पेइस) एक पुर्तगाली था तथा जिसने विजयनगर पर एक विस्तृत आर्टिकल लिखा है
-वह कहता है कि इसके राजा के पास भारी खजाना है। उसके पास बहुत सैनिक एवं बहुत हाथी हैं, क्योंकि इस देश में ये बहुतायत से मिलते हैं।
-इस नगर में प्रत्येक राष्ट्र एवं जाति के लोग मिलेंगे, क्योंकि यहां बहुत व्यापार होता है तथा बहुत-से बहुमूल्य पत्थर मुख्यतः हीरे पाये जाते हैं।
-यह संसार में सबसे सम्पन्न नगर है।
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