उपचुनाव की हार के बाद BJP में मंथन शुरू, योगी ने अपने कार्यकर्ताओं को चेताया

- in गजब

उत्तर प्रदेश की अलग-अलग सीटों पर हुए उपचुनावों में मिली करारी हार के बाद केंद्र और राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को बड़े स्तर पर मंथन शुरू किया. यूपी में विरोधियों का पलड़ा भारी होने के बाद आज गाजियाबाद में पहली बार बड़े स्तर पर बीजेपी की बैठक आयोजित की गई.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले चुनावों के लिए सभी लोग जी जान से जुट जायें. संगठन के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ हुई इस बैठक से मीडिया को दूर रखा गया है. इस बैठक में 2019 से पहले प्रदेश में संगठन को और मजबूत करने पर जोर दिया गया.

ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव में ढिलाई बरतने के मामले में बैठक के बाद कड़े फैसले लिए जा सकते हैं. इस बैठक में योगी आदित्यनाथ के अलावा, केंद्रीय विदेश मंत्री वी के सिंह, सांसद महेश शर्मा, गौतमबुद्ध नगर विधायक पंकज सिंह, गाजियाबाद के सभी विधायक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्य्क्ष अश्वनी त्यागी, मयंक गोयल, अशोक मोंगा, समेत पश्चिम के सभी सांसद और विधायक शामिल हुए.

इस बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्‍यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय समेत पार्टी के कई विधायकों और सांसदों ने हिस्सा लिया. संगठन मंत्री सुनील बंसल के अलावा 14 सांसद और 59 विधायकों ने बैठर में शिरकत की. इनमें गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, हापुड़, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, संभल, बरेली, बागपत, अलीगढ़, आगरा प्रमुख रूप से शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कैराना और नूरपुर उपचुनाव में मिली हार की भी समीक्षा की गई. साथ ही इसमें अलगे लोकसभा चुनाव की रणनीति पर भी चर्चा हुई.

योगी आदित्यनाथ के यूपी की सत्ता पर काबिज होने के बाद पार्टी को उपचुनाव में फूलपुर, गोरखपुर और कैराना की लोकसभा सीट गंवानी पड़ी. साथ ही नूरपुर विधानसभा सीट पर भी पार्टी हार गई. इसके बाद से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर दबे सुर में सवाल उठ रहे हैं क्योंकि बीजेपी विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतकर आई थी.

You may also like

1 साल के बाद वापसी कर रहे लसिथ मलिंगा ने रचा इतिहास, तोड़ डाले एक साथ 3 विश्व रिकॉर्ड

आज हम एक ऐसे दिग्‍गज खिलाड़ी की बात