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इस जन्माष्टमी मंदिर न जा पाएं तो घर पर ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा

 भगवान विष्णु के आठवें अवतार कृष्णजी का जन्म भारत सहित दुनियाभर में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. इस बार कृष्ण जन्माष्टमी पर ठीक वैसा ही संयोग बना है, जैसा द्वापर युग में बाल गोपाल के रूप में भगवान धरती पर अवतार लिया था. बता दें यह कृष्ण जन्माष्टमी निःसंतान दंपत्तियों के लिए बेहद शुभ है. ऐसे में अगर आप भी भगवान कृष्ण को प्रसन्न करना चाहते हैं, लेकिन भगवान की पूजा के लिए मंदिर नहीं जा पाए हैं तो घर पर रहकर भी आप भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना कर उन्हें खुश कर सकते हैं. बता दें अगर आपके घर के आस-पास मंदिर नही है तो आप घर के मंदिर में ही भगवान कृष्ण की पूजा कर सकते हैं. इस जन्माष्टमी मंदिर न जा पाएं तो घर पर ऐसे करें श्रीकृष्ण की पूजा

पूजा विधिः
घर पर भगवान कृष्ण की पूजा करने के लिए सुबह उठकर स्नान करें और नए वस्त्र पहनकर तिलक करें. इसके बाद घर के मंदिर की शुद्धि करें और मंदिर में एक छोटा से पालना स्थापित करें. इसके बाद भगवान कृष्ण की प्रतिमा का शहद, दूध घी, दही और जल से स्नान कराएं और भगवान कृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं. वस्त्र पहनाने के बाद भगवान का चंदन से तिलक करें और पीले रंग के आभूषणों से श्रृंगार करें. इसके बाद प्रतिमा को पालने में स्थापित कर दें. 

एक साफ थाली में कुमकुम, धूप, दीपक, फूल और एक लोटे में गंगाजल लें. एक दूसरी प्लेट में फल-फूल और पानी के साथ ही उसमें घी का दीपक रखें. लोटे से अपने बाएं हांथ में पानी लें और ‘ओम अच्युत्याय नमः’ का जाप करते हुए जल को पी लें. अब भगवान कृष्ण के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान कृष्ण के भजन गाएं. अब भगवान कृष्ण की आरती गाएं और उन्हें भोग लगाएं. वैसे तो मंदिरों में भगवान कृष्ण को 108 से भी ज्यादा पकवानों का भोग लगाया जाता है, लेकिन आप घर पर पूजा कर रहे हैं तो भगवान कृष्ण की प्रिय चीजों से उन्हें भोग लगा सकते हैं.

भगवान कृष्ण को भोग लगाने के बाद उनसे क्षमा याचना करें और अपने सभी पापों के लिए माफी मांगें. इसके बाद चढ़ाया गया प्रसाद घर के साथ ही आस-पास के लोगों में बाटें. हो सके तो इस दिन किसी ग्वाल को घर पर खाना खिलाएं और उन्हें दक्षिणा दें. साथ ही इस दिन गाय की सेवा करना न भूलें. कहते हैं गाय भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय थी. ऐसे में गायों की सेवा करना लाभदायी हो सकता है. बता दें इस बार अष्टमी तिथि दो दिनों की है. 3 सितंबर को अष्टमी 19:19 बजे तक रहेगी. ऐसे में आप 3 सितंबर को भी भगवान की पूजाकर सकते हैं

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