इसे कहते हैं भारत का स्विट्जरलैंड, ये आकर्षण जानेंगे गर्मी में आप भी जाना चाहेंगे यहां

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अप्रैल माह के साथ ही गर्मी भी शुरू हो चुकी है और इस समय में काफी लोग अपने परिवार के साथ ठंडे इलाकों में छुट्टियां मनाने जाते हैं। अगर आप भी समर सीजन में कहीं घूमने जाना चाहते हैं तो आपके लिए उत्तराखंड का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। यहां के लोग इस जगह को भारत का स्विट्जरलैंड भी कहते हैं। गर्मी के दिनों में औली पर्यटकों को बहुत ही पसंद आता है। यहां का ठंडा मौसम और प्राकृतिक वातावरण मन को सुकून देता है, यहां जाने पर आपको गर्मी से राहत मिलेगी। जानिए औली से जुड़ी खास बातें…इसे कहते हैं भारत का स्विट्जरलैंड, ये आकर्षण जानेंगे गर्मी में आप भी जाना चाहेंगे यहां

औली के आकर्षण

– औली उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र के बद्रीनाथ धाम के पास घने जंगल, पहाड़ व मखमली घास से भरपूर बहुत ही सुंदर और ठंडी जगह है।

– यहां देश का सबसे नया और आधुनिक आइस स्काइंग केंद्र भी है। जहां स्कीइंग का भरपूर मजा लिया जा सकता है।

– यहां से नंदा देवी, हाथी गौरी पर्वत, नीलकंठ और ऐरावत पर्वत की हरियाली भी देखी जा सकती है।

– 1994 में औली से जोशी मठ तक 4 किलोमीटर लंबे रोपवे का निर्माण किया गया था। इस रोपवे की यात्रा पर्यटकों को रोमांचित कर देती है। इन खास बातों के कारण औली उत्तराखंड के पर्यटन में अपना महत्तपूर्ण स्थान रखता है।

औली का तापमान

औली बहुत पर ऊंचाई पर स्थित जगह है। इस कारण यहां का मौसम अधिकतर समय ठंडा ही रहता है। औली जाने के लिए सबसे अच्छा मौसम गर्मी का ही है। गर्मी में औली का तापमान अधिकतम 15 से 20 डिग्री से तक और न्यूनतम 4-8 डिग्री तक रहता है।

सर्दी में होती है यहां बर्फबारी

अगर आप औली में बर्फबारी देखना चाहते है या आईस स्पोर्टस का आनंद लेना चाहते है तो आपको यहां सर्दी के मौसम में आना होगा। सर्दी में औली का तापमान अधिकतम 4-7 डिग्री और न्यूनतम में कभी-कभी -8 डिग्री तक चले जाता है।

सर्दी में यहां चारों तरफ बर्फ की चादर ढंकी होती है। ठंड अधिक रहती है। इस कारण सर्दी में बच्चों के साथ यहां जाएं तो स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

बरसात के मौसम में यहां वर्षा औसत होती है। बारिश के दिनों में यहां का तापमान करीब 12-15 डिग्री तक रहता है।

औली कैसे पहुंचें

औली तक पहुंचने के लिए रेल मार्ग उपलब्ध नहीं है। रेल मार्ग से ऋषिकेश या काठगोदाम तक ही पहुंच सकते हैं। इसके बाद सड़क के रास्ते जाना होगा।

ऋषिकेश से औली 253 किलोमीटर दूर है और औली से काठगोदाम की दूरी करीब 300 किमी है।

औली में कहां-कहां घूम सकते हैं

– औली से 12 किलोमीटर की दूरी पर जोशी मठ स्थित है। इस जगह पर मठ, मंदिर और स्मारक हैं। इसके अलावा आप यहां के पर्वतो की सैर भी कर सकते हैं। जोशी मठ को बद्रीनाथ और फूलों की घाटी का प्रवेश द्वार माना जाता है।

– जोशी मठ से औली रोपवे की दूरी 4 किलोमीटर है। औली में ठहरने के स्थान के लिए यहां गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा फाइबर हट्स बनाई गई हैं। जहां रहने के अलावा खाने-पीने की भी व्यवस्था भी है।

– इसके अलावा छत्रा कुंड, क्वारी बुग्याल, सेलधार तपोवन, गुरसौं बुग्याल, चिनाब झील, वंशीनारायण कल्पेश्वर आदि जगहें देख सकते हैं।

– ट्रैकिंग करने वालों के लिए क्वारी बुग्याल एक आदर्श स्थल है। यहा दूर दूर तक विस्तृत ढलानो की खूबसूरती देखते ही बनती है।

– सेलधार तपोवन में गर्म पानी के झरने और फव्वारे देखने योग्य हैं।

औली ट्रीप के लिए कितना पैसा करना पड़ेगा खर्च

औली ट्रीप के लिए कुछ ट्रेवलिंग वेबसाइट्स पर 20 हजार से 30 हजार रुपए तक के टूर पैकजेस उपलब्ध हैं। ये पैकेज लोगों की संख्या, औली में रुकने के दिन आदि सुविधाओं के आधार पर कम-ज्यादा भी हो सकते हैं।

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