इंडोनेशिया के लिए भारतीय नौसेना ने पानी, जूस और टेंट समेत तीन जहाज किए रवाना

यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस फॉर द कॉर्डिनेशन ऑफ ह्यूमेनिटेरियन अफेयर्स ने सोमवार को आगाह किया कि इंडोनेशिया में करीब 191,000 लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, जिनमें से 46,000 बच्चे और 14,000 बूढ़े हैं.
भारतीय नौसेना ने सोमवार को कहा कि उसने दक्षिण-पूर्व एशिया में तैनात अपने तीन जहाजों को मानवीय सहायता के लिए सुनामी प्रभावित इंडोनेशिया के लिए रवाना कर दिया है. पिछले सप्ताह इंडोनेशिया में आये भीषण भूकंप के बाद आयी सुनामी में अभी तक कम से कम 844 लोग मारे गये हैं.
नौसेना के प्रवक्ता ने ट्वीट किया है, आपदा के बाद नौसेना ने आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और आईएनएस सार्दुल को इंडोनेशिया रवाना कर दिया है. तीनों जहाज सुबह की पहली किरण के साथ अपनी यात्रा पर निकले.
समाचार एजेंसी ANI के अनुसार भारतीय नौसेना ने जानकारी दी कि जहाजों पर तीस हजार लीटर पीने का पानी, 1500 लीटर पैक्ड जूस, 500 लीटर दूध, 700 किलोग्राम बिस्कुट और 20 टेन्ट लोड है.
शुक्रवार की शाम में आए भूकंप और सुनामी से मध्य सुलावेसी तबाह हो गया है. समुद्र के किनारे स्थित शहर में आई सुनामी से यहां की सड़कें, इमारतें, पेड़-पौधे सब बह गए. अभी तक कम से कम 844 लोगों के मरने की खबर है. लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि दूर-दराज के क्षेत्रों तक बचाव दलों के पहुंचने के बाद मरनेवालों की संख्या बढ़ सकती है.

Besides humanitarian aid & disaster relief,bricks carried by ships, the ships are carrying 30,000L of bottled drinking water, 1500L of packed juices, 500L of milk, 700 kg of biscuits, 20 tents: Indian Navy on #IndonesiaTsunami
— ANI (@ANI) October 2, 2018

इंडोनेशिया की सेना बचाव कार्य में जुटी हुई है, लेकिन देश के राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगाई है. यहां कई गैर-सरकारी संगठन कार्य में जुटे हुए हैं.
यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस फॉर द कॉर्डिनेशन ऑफ ह्यूमेनिटेरियन अफेयर्स ने सोमवार को आगाह किया कि करीब 191,000 लोगों को तत्काल मदद की जरूरत है, जिनमें से 46,000 बच्चे और 14,000 बूढ़े हैं. कई ऐसे क्षेत्र अब भी हैं जो सरकार के बचाव प्रयासों के केंद्र में नहीं हैं.
मलबे में अब भी शवों के होने की आशंका है. प्रशासन के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि इंडोनेशिया की गर्म जलवायु में शव तेजी से सड़ने लगते हैं जिससे घातक बीमारियां फैल सकती है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

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