आशु और युवती ने आपस में 1 साल में 4176 फोन कॉल्स कीं, संबंध गहरे थे; मगर जबरदस्ती नहीं हुई

जालंधर. बीजेपी सूबा प्रधान और केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के भतीजे आशु सांपला को रेप के आरोप में एसआईटी ने 25 दिन की जांच के बाद क्लीन चिट दे दी है। सांपला के बेटे साहिल सांपला को भी शिकायतकर्ता युवती से मारपीट कर मोबाइल छीनने के आरोप से राहत मिल गई है।
आशु और युवती ने आपस में 1 साल में 4176 फोन कॉल्स कीं, संबंध गहरे थे; मगर जबरदस्ती नहीं हुई
 
एसआईटी ने माना है कि 24 अप्रैल को सोफी पिंड में मारपीट कर युवती से मोबाइल छीने गए थे। केस में मारपीट, मोबाइल छीनने और सबूत खुर्द-बुर्द करने की धारा जोड़ी गई है। आगे की जांच थाना सदर के एसएचओ कुलवंत सिंह करेंगे। युवती ने 29 अप्रैल को आशु सांपला, आशु की पत्नी नैंसी, साहिल सांपला, आशु के माता-पिता, अमित तनेजा और शेरू के खिलाफ शिकायत दी थी।

ये भी पढ़े: 10वीं के खराब नतीजों का रिएक्शन, कैप्टन ने दिए निर्देश, 60 अधिकारियों का तबादला

पुलिस कमिश्नर ने पहली मई को एसआईटी बनाकर जांच का जिम्मा एडीसीपी सिटी 2 डी सुडरविजी, एसीपी दीपिका सिंह और एसीपी सुरिंदर पाल धोगड़ी को सौंपा था। एसआईटी ने 25 दिन में हर पहलू पर जांच की है। एसआईटी ने आशु की पत्नी नैंसी की शिकायत पर एफआईआर नंबर 120 भी दर्ज की है। इसमें आईटी एक्ट के साथ-साथ जालसाजी की धाराएं जोड़ी हैं। युवती भी आरोप के घेरे में है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि नैंसी ने आरोप लगाया था कि उसके पति के फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है। इनवेस्टीगेशन में युवती ने माना था कि आईडी उसने आशु सांपला के साथ मिलकर बनाई थी। एसआईटी ने कहा है कि पुलिस फेसबुक मॉड्यूल से यह पता करे कि फेसबुक अकाउंट किस आईपी नंबर से और कौन चला रहा था।
 
आरोप : 26 अप्रैल को युवती के साथ सोफी पिंड में साहिल सांपला, शेरू और अन्यों ने मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए, बैग छीनकर ले गए।
आरोप : युवती को शादी की बात कहकर शारीरिक शोषण किया गया।
आरोप : 28-3-16 को अमित सांपला उर्फ आशु ने युवती को फिल्लौर के होटल सतलुज क्लासिक ले जाकर कोल्ड ड्रिंक में नशीली चीज मिलाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। जुर्म अधीन धारा – 376
युवती ने शिकायत में कहा था कि उसकी 23 मार्च, 2016 को आशु सांपला से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। वह 27 मार्च को मकान मालिक के रिश्तेदार की शादी में मोगा गई थी। जहां से उसे आशु फिल्लौर के होटल सतलुज में लेकर गया था। वहां उसे नशीली चीज पिलाकर रेप किया था। 26 अप्रैल को उसे आशु की मां की कॉल आई थी तो वह आशु के घर गई थी। वहां उसके साथ सांसद सांपला के बेटे साहिल, शेरू और अन्य ने मारपीट कर कपड़े फाड़ दिए थे। उसका बैग छीन ले गए थे। बैग में तीन मोबाइल फोन थे। इनमें आशु के खिलाफ सबूत थे। जिसे डिलीट कर दिया गया था। 28 अप्रैल को उसे एसएचओ ने एक मोबाइल फोन लौटा दिया था। जिसमें मैमरी कार्ड, दो सिम गायब थे। व्हाट्सएप और फेसबुक से छेड़खानी की गई थी। युवती ने आशु पर रेप तो उसकी फैमिली पर मारपीट कर बैग छीनने और धमकाने का आरोप लगाए थे। युवती ने आशु की पत्नी नैंसी, सांसद के बेटे साहिल, आशु के माता-पिता और शेरू के खिलाफ शिकायत दी थी।
 
फिल्लौर के होटल में आशु के जाने के सबूत नहीं मिले, युवती के सारे आरोप पुलिस जांच में खारिज
सांसद के बेटे साहिल को मारपीट के आरोप में मिली राहत, युवती ने कमिश्नर के घर पर दिया धरना, थाना सदर के एसएचओ को सौंपी मामले की जांच

एसआईटी : उस दिन साहिल सांपला मौके पर नहीं था। वह सूर्या एन्क्लेव एरिया में था। साहिल के मोबाइल टावर लोकेशन से इसकी पुष्टी हुई है। मौके पर कोई गवाह सामने नहीं आया है। शेरू घटना की जगह मौजूद था मगर उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने वीडियो बनाई थी, जिसमें शिकायतकर्ता युवती ने कहा था कि आशु के घर से कोई बाहर नहीं आया। आस-पड़ोस के लोगों ने उसके साथ ऐसा किया है। युवती के कपड़े सही सलामत थे। घटना तो हुई है, मगर सीधे तौर पर साहिल और शेरू जिम्मेदार नहीं हैं। उस दिन गांव के पंचायत मेंबर सुरिंदर सांपला को लड़की का बैग मिला था, जिसमें एक फोन भी था। जो पुलिस ने लड़की को दे दिया था। युवती को नारी निकेतन भेजा गया। उस दौरान युवती के तीन मोबाइल फोन, जिनमें चार सिम कार्ड अलग-अलग जगह चल रहे थे। युवती से मारपीट और मोबाइल छीनना साबित होता है। एसएचओ जांच करे कि वे कौन लोग थे, जिन्होंने बैग छीनते हुए मारपीट की थी।

 
एसआईटी : आशु के मुताबिक उसने शादी का झांसा देकर संबंध नहीं बनाए और ही जांच में यह बात साबित हो सकी, इसलिए धारा 420 नहीं बनती।
एसआईटी : जांचमें दोनों के गहरे संबंध नजर आए हैं। दोनों सोशल मीडिया और फोन के जरिये एक-दूसरे से जुड़े रहे। फिल्लौर में होटल जाकर जांच की। सीसीटीवी कैमरे और ही होटल के रिकॉर्ड में ये बात सामने आई कि घटना के दिन आशु लड़की को लेकर होटल गया था। शिकायकर्ता ने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने संबंधी जो इलजाम करीब एक साल बाद लगाया गया है। अगर युवती के साथ इतना संगीन जुर्म हुआ था तो उसने लोकल पुलिस, कोर्ट, पारिवारिक मेंबर, रिश्तेदार या किसी दोस्त के साथ जिक्र नहीं किया। एक साल के दौरान आशु और लड़की के बीच फोन पर 4176 बार बातचीत हुई। दोनों के ऑडियो क्लिप भी मिले। दोनों में आपसी गहरे संबंध थे, जिसमें कोई किसी ओर से जबरदस्ती साबित नहीं होती। बेशक आशु सांपला ने जांच में स्वीकार नहीं किया कि उसके कभी युवती से शारीरिक संबंध रहे हैं। गहरे संबंध होने के कारण अगर शारीरिक संबंध हुए भी हों तो वह कंसेंशुअल रिलेशन है। इससे जबरदस्ती शारीरिक शोषण साबित नहीं होता। एसआईटी ने उच्च न्यायालय की तिलक राज वर्सेज हिमाचल प्रदेश केस का जिक्र किया है। इसलिए आशु पर धारा 376 के तहत रेप का आरोप साबित नहीं होता।
बेटियों के साथ इंसाफ नहीं होता। युवती को जैसे ही पता चला कि एसआईटी ने जांच में आशु को क्लिनचिट दी है तो वह जांच से खफा होकर पुलिस कमिश्नर घर के बाहर मुंह और आंख पर काली पट्‌टी बांधकर बैठ गई। महिला पुलिस कर्मचारी मौके पर आईं और उसे गिरफ्तार कर लिया। युवती बोली- इंडिया में बेटियों के साथ इंसाफ नहीं होता। वह पाकिस्तान चली जाएगी। उसे पहले ही पता था कि उसके साथ नइंसाफी होगी। राजनीतिक दबाव में आकर एसआईटी ने जांच गलत तरीके से की है। वह इंसाफ के लिए चुप नहीं बैठेगी। थाना चार के एसएचओ बलवीर सिंह ने कहा कि अमन शांति भंग करने के आरोप में युवती को गिरफ्तार किया गया है।
Loading...
loading...
error: Copy is not permitted !!

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com