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आप भी छोड़ देंगे उंगलियां चटकाना, जब जानेंगे ये बड़ी बात

अक्सर ऐसा होता है की हम ऑफिस में या घर में खाली बैठे होते है तो अपनी उँगलियाँ चटकाने लगते है और कई लोगो इसे उँगलियों की एक्सरसाइज मानते है तो वही कुछ लोग बस मजे के लिए उँगलियाँ चटकाते है  लेकिन एक शोध के जरिये ये बात सामने आई है की ज्यादा उँगलियाँ चटकाना आपके स्वास्थ के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और आपको गठिया रोग जैसी घातक बीमारी होने का खतरा भी हो सकता है|आप भी छोड़ देंगे उंगलियां चटकाना, जब जानेंगे ये बड़ी बात

आज हम आपको बताएँगे की उँगलियाँ चटकाने से हमारे हड्डियों के बीच क्या होता है ??

जब हम उंगलियां चटकाते हैं उस समय हम वास्तव में इन जोड़ों को खींच रहे होते हैं और इस तरह हडि्डयों को एक-दूसरे से दूर खींचते हैं। ऎसे में आपस में जुड़ी हडि्डयां दूर होती हैं और जोड़ के भीतर का दबाव भी कम होता है। घुटने, कोहनी और उंगलियों के जोड़ों में एक विशेष प्रकार का द्रव पाया जाता है जो दो हडि्डयों के जोड़ पर ग्रीस के जैसे काम करता है और हडि्डयों को आपस मे रगड़ खाने से रोकता है। जोड़ों पर दबाव के कम होने से इस विशेष प्रकार द्रव में मौजूद गैस जैसे कार्बन डाई आक्साइड नए बने खाली स्थान को भरने का काम करती है और ऎसे में द्रव में बुलबुले बन जाते हैं।

जब हम जोड़ों को काफी अधिक खींचते हैं तो दबाव कम होने से यह बुलबुले फूट जाते हैं और हड्डी चटकने की आवाज आती है। एक बार जोड़ों पर बने इन बुलबुलों के फूटने के बाद द्रव में दोबारा गैस के घुलने में 15 से 30 मिनट का समय लगता है इसी कारण हाल ही में चटकाए गए जोड़ को तुरंत दोबारा चटकाने से आवाज नहीं आती। इस जानकारी से यह यह समझा में आता है की जोड़ों के बार-बार खिचाव से पकड़ कमजोर हो सकती है और हडि्डयों के जोड़ पर मौजूद द्रव पदार्थ नष्ट भी हो सकते हैं।

उंगुलियां चटकाना बहुत अच्छी आदत नहीं है और फिर ये आपके लिए नुकसानदेह भी है तो इस आदत को रोकना बहुत जरूरी है इसीलिए जितना जल्दी हो सके इस आदत को छोड़ दे और अगर खाली समय मिले तो खुद को किसी और कम में इंगेज करे ना की उँगलियाँ चटकाने में |

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