आप भी करते हैं ज्यादा टाइपिंग तो हो जाएं सावधान

- in हेल्थ

यदि आप अपनी कलाइयों का ज्यादा उपयोग करते हैं तो अब आप सावधान हो जाइए क्योंकि कलाइयों का ज्यादा उपयोग से कार्पल टनल सिंड्रोम नामक एक विशेष प्रकार की बीमारी होती हैं| जो की नर्व पर पड़ने वाले दबाव से होने वाली एक परेशानी है। अगर सीधे शब्दों में कहें तो इसे साढ़े तीन उंगलियों की बीमारी भी कहते है। इस बीमारी में मरीज के कलाई में, अंगूठे में इसके साथ ही अंगूठे के पास वाली दो उंगलियों और तीसरी आधी उंगली में दर्द होने लगता है।आप भी करते हैं ज्यादा टाइपिंग तो हो जाएं सावधान

कार्पल टनल सिंड्रोम नाम की बीमारी आपकी कलाई और हाथ की उंगलियों को शिकार बनाती है| इसके अलावा कई बार दर्द बढ़कर बाहों तक भी पहुंच जाता है। एक्‍सपर्ट की माने तो यह बीमारी ज्‍यादातर टाइपिंग और खेल में कलाईयों के उपयोग करने वालो लोगों को होती हैं|

इस बीमारी से बचने के लिए प्राकृतिक उपायों का सहारा लिया जा सकता हैं| रेगुलर एक्‍सरसाइज के द्वारा आसानी से बचा जा सकता है। इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे- कलाई पर लगातार पड़ने वाला दबाव  या दिन भर बहुत काम से घिरे रहना भी इस बीमारी के होने के कारण हैं| इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान शरीर में फ्लूइड की कमी, कलाई में किसी तरह की चोट या फिर रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी कोई बीमारी इत्यादि हो सकता हैं।

कार्पल टनल के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप एक्सरसाइज का सहारा ले सकते हैं| एक्सरसाइज में खासतौर पर कलाई और उंगलियों से जुड़ी एक्सरसाइज ही इस बीमारी में कारगर हैं| किसी एक्‍सपर्ट के द्वारा गर्दन, हाथों, कंधों और बांहों की सामान्य एक्सरसाइज को सीखें और इसे फिर डेली घर पर करें| इस एक्सरसाइज को डेली करने से आप इस बीमारी से बच सकते हैं| यदि आप कम्प्यूटर पर लगातार काम करते हैं तो कलाई को सपोर्ट देने वाले जैल युक्त माउस पैड का उपयोग करें|

यदि आप माउस का इस्तेमाल करते हैं उन्हें अपनी कलाई के जोड़ों को मोड़ कर रखने की बजाए अधिकतर सीधा रखकर काम करें। रोज हाथों पर मसाज करें| काम करते वक्त छोटे-छोटे ब्रेक ले इससे आपको थोड़ा आराम मिलेगा| जब भी काम शुरू करें उससे पहले हाथों को गर्म कर लेना चाहिए| कभी भी एक हाथ से काम करने के बजाय दोनों हाथों का प्रयोग करें| क्योंकि एक हाथ से काम करने से दूसरे हाथ में समस्या उत्पन्न हो सकता हैं|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

सावधान: लगातार बैठने से इन बीमारियों को दे रहे है न्यौता

जब भी थक जाते है तो हम बैठने