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आनंद किशोर ने कहा स्लीपर पहनने का प्रचलन कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पहले से ही लागू

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बिहार बोर्ड के परीक्षार्थियों को जूते-मोजे की बजाय चप्पल पहनकर परीक्षा केंद्र आने के फैसले पर सफाई दी है. उन्होंने आजतक से बातचीत करते हुए तर्क दिया कि बिहार में विद्यार्थियों को जूते-मोजे की जगह स्लीपर पहन कर आने की व्यवस्था पहले से ही लागू है.

उन्होंने कहा कि बिहार संयुक्त प्रवेश परीक्षा बोर्ड (बीसीईसी) द्वारा जितने भी प्रतियोगी परीक्षा कराए जाते हैं, सब में यह व्यवस्था पहले से ही लागू है, चाहे वो मेडिकल की परीक्षाएं हों, इंजीनियरिंग की परीक्षाएं हों या फिर पॉलिटेक्निक की परीक्षा हो. बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जो भी परीक्षाएं कराई जाती हैं उसमें भी यह व्यवस्था पूर्व से ही लागू है.

राष्ट्रीय स्तर पर भी CBSE द्वारा जो परीक्षाएं (मेडिकल, IT) आयोजित की जाती हैं, उन सभी परीक्षाओं में भी यही व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत जूते और मोजे के साथ प्रवेश वर्जित किया गया है. कैंडिडेट को स्लीपर्स के साथ परीक्षा केंद्र में बैठने की अनुमति दी जाती है. इसी कड़ी में इस वर्ष बिहार राज्य में होने वाले 2018 की मैट्रिक परीक्षा के लिए भी यह निर्णय लिया गया है. सभी अभ्यर्थियों को यह निर्देश दिया गया है कि इस परीक्षा में जूते-मोजे के साथ प्रवेश ना करें और चप्पल में परीक्षा दें.

आनंद किशोर ने कहा कि इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा 2018 में 17 लाख 70 हजार परीक्षार्थियों के भाग लेने की संभावना है. इस परीक्षा के स्वच्छ, कदाचार रहित और निष्पक्ष माहौल में संचालित करने के लिए बोर्ड द्वारा कई प्रकार की आवश्यक तैयारियां की गई हैं. सभी परीक्षा केंद्रों पर धारा 144 लागू की गई है. इसके अलावा पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस कर्मियों की भी नियुक्ति की गई है.

उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और वीडियो कैमरे का इंतजाम किया गया है. प्रत्येक 25 परीक्षार्थी पर एक परीक्षक की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा हर अलग-अलग स्तर के मजिस्ट्रेट डिप्लॉयमेंट किए गए हैं. जोनल मजिस्ट्रेट, सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, सब जोनल मजिस्ट्रेट, इसके अलावा पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट की भी प्रतिनियुक्ति की गई है.

किशोर ने कहा कि ये व्यवस्था इसलिए की गई है कि परीक्षार्थी स्वच्छ और निष्पक्ष रूप से भयमुक्त माहौल में परीक्षा दे सके. मैं इस अवसर पर सभी परीक्षार्थियों से अपील करना चाहूंगा कि आप वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2018 में मेहनत और लगन के साथ परीक्षा दें. इसे सफल बनाने को लेकर आप लोगों के लिए कई तरह की सुविधाओं की व्यवस्था की गई है जिसमें आप लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है.

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2017 में वार्षिक परीक्षा ली गई थी, उसमें सभी परीक्षा केंद्रों पर बहुत ही बेहतरीन और बहुत ही उत्कृष्ट रूप से परीक्षा ली गई थी. इसके कई परिणाम भी बाद में आए, इसी प्रकार इस वर्ष भी वार्षिक इंटरमीडिएट की परीक्षा आयोजित की गई. पूरे बिहार में पूरी तरह स्वस्थ और कदाचार रहित परीक्षा आयोजित की गई. उसी क्रम में आगामी मैट्रिक की परीक्षा को भी बेहतर रूप से आयोजित करने के लिए कई प्रकार के आवश्यक निर्देश सभी जिलों को दिए गए हैं. सभी प्रकार की आवश्यक व्यवस्थाएं भी सभी जिलों में की गई हैं और निश्चित रूप से इस बार परीक्षा बेहतर और उत्कृष्ट माहौल में होगी.

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